जिले के 45 शिक्षकों का किया गया सम्मान

मुंगेली -गुरूजन पूज्यनीय एवं वंदनीय है हमें गुरूजनों का सम्मान करना चाहिए। भारत के नवनिर्माण में शिक्षकों का अहम भूमिका है शिक्षक ही समाज का पथ प्रदर्शक है वे विद्याथि्र्ायों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी देते है। उक्त आशय के उद्गार खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री पुन्नूलाल मोहले ने आज जिले के विकासखण्ड पथरिया के त्रिमूर्ति पब्लिक स्कूल सरगांव में आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण के अंतर्गत शिक्षक सम्मान समारोह में व्यक्त किये। उन्होने कहा कि पूर्व उप राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाते है। उनके पढ़ाये विद्यार्थी वैज्ञानिक, इंजीनियर, डॉक्टर बनते है। उन्होने कहा कि शिक्षक भारत के नवनिर्माण में अहम भूमिका निभाये ताकि भारत विश्व गुरू बनने में समर्थ बन सके।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि पूर्व उप राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किये गये कार्यो एवं योगदानों को रेखांकित किया। आने वाले समय में भारत विश्व गुरू होने का गौरव हासिल करेगा। उन्होने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन विलक्षण प्रतिभा के धनी थे उन्होने विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों को अनुदान देने की शुरूआत की। वे ऑक्सफोर्ट विश्वविद्यालय में व्याख्यान देकर भारत का सम्मान बढ़ाया। सोवियत रूस में भी अपनी सेवायें दी। वे काशी विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण की शुरूआत की गई है। बिलासपुर क्षेत्र के सांसद श्री लखनलाल साहू ने संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व उप राष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए अनेकों संस्थाओं में अपनी सेवायें दी। उन्होने कहा कि शिक्षक राष्ट्र के नवनिर्माण में और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को निखारने का कार्य करते है। उन्होने कहा कि गुरूजनों का एक ही दिन नहीं बल्कि प्रतिदिन सम्मान होना चाहिए।
संसदीय सचिव तोखन साहू ने कहा कि गुरू शिष्य की परंपरा सदियों से चली आ रही है उन्होने गुरू की महिमा को प्रतिपादित करते हुए कहा कि शिक्षक देश और समाज को सवारने का कार्य करते है। शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन की धूरी है। शिक्षक अज्ञानता को दूर कर ज्ञान की ओर ले जाता है। छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी ने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना है कि भारत विश्व में शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी देश बनें। शिक्षकों ने ही अनेकों वैज्ञानिकों और साहित्यकार दिये है। उन्होने कहा कि विगत 13 वर्षो में छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए है। शिक्षा गुणवत्ता की ओर आगे बढ़े है। राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष सैफुद्दीन ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाते है। शिक्षकों का सम्मान होना चाहिए। क्योंकि देश के नवनिर्माण में भूमिका निभाते है। कार्यक्रम को त्रिमूर्ति पब्लिक स्कूल के संचालक श्री राजेश द्विवेदी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला शिक्षा अधिकारी एन के चंद्रा ने मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम की संक्षिप्त जानकारी दी।
शिक्षकों का किया गया सम्मान- मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकार 2017 के अंतर्गत ज्ञानदीप पुरस्कार से संतोष कुमार साहू, रिखीराम राजपूत, सत्यनारायण तिवारी पंचायत शिक्षक को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसी तरह श्रीमती वंदिता शर्मा, लखनलाल साहू, जीत कुमार दिवाकर, रमेश कुमार राठौर, श्रीमती राजकुमारी ध्रुव, सुनील कुमार शर्मा, श्रीमती लक्ष्मी सिंगरौल, कमलेश सिंह क्षत्री, रूपेन्द्र जोल्हे सहायक शिक्षक पंचायत को शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सेवानिवृत्त शिक्षक मानचंद पटेल, भागदास टोण्डर, देवशरण शर्मा, दिलीप दीक्षित, श्रीमती बसंती सोनी, मनहरण प्रसाद चतुर्वेदी, चिंता सिंह राज, मनीराम साहू, रामभरोस सोनकर, सीपी सिंह पैकरा, राधेलाल ध्रुव को भी सम्मानित किया गया। उत्कृष्ठ संकुल समन्वयक अत्रि प्रताप सिंह, महेश गुप्ता, भगवती प्रसाद मिश्रा एवं उत्कृष्ठ शिक्षक सुश्री विनीता शर्मा, राजेंद्र क्षत्रीय, श्रीमती सृष्टि शर्मा, केएस राजपूत, संजय सोनी, आरएल जांगड़े, श्रीमती नम्रता तिवारी, शिवप्रसाद कौशिक, केके सिंगरौल, व्हीके मानिकपुरी, डॉ. सीएस. राजपूत, हरिशंकर जायसवाल, दीपक ध्रुव एवं मोहित तिवारी को पुरस्कृत किया गया।
इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शशि घृतलहरे, नरेंद्र शर्मा, सुखदेव वर्मा, अनुज घृतलहरे, एसडीएम केएल सोरी, आईपी यादव, अजय नाथ, ओमकार चंदेल, जनपद सदस्य अन्य जनप्रतिनिधि सहित विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यगण, शिक्षकगण, त्रिमूर्ति पब्लिक स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित

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