बेलगहना स्वास्थ्य केंद्र का कर्मचारी बना डॉक्टर, बिना डिग्री कर रहा मरीजो इलाज

०० धमाका 36 की विशेष पड़ताल में आया सच सामने, आमजनता की जान से किया जा रहा खिलवाड़

०० स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ने दिया गैरजिम्मेदाराना बयान कहा कर्मचारी से माँगा जाएगा स्पष्टीकरण

संजय बंजारे

कोटा| स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही आई सामने, बेलगहना में एनएमए बना झोलाछाप डॉक्टर, चला रहा खुले आम क्लीनिक, घर में करता है बेख़ौफ़, बीमार मरीजों का करता है ईलाज, अधिकारीयों के संरक्षण में फलफूल रहा है बगैर डिग्री झोलाछाप डॉक्टर गोरखधंधा, मरीजों की जान जोखिम में, आज तक नहीं हुई कोई कार्यवाही,35 सालों से खुले आम कर रहा बगैर डिग्री लोगों का उपचार, ऎसे में स्वास्थ्य विभाग और उसके अधिकारी सवालों के घेरे में नजर आते है।


तस्वीरों से साफ है कोई क्लीनिक है जहाँ किसी महिला को ड्रिप लगा कर उसका उपचार किया जा रहा है लेकिन ये कोई अस्पताल नहीं बल्कि बेलगहना स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एल पी पाटेकर नामक एन एम ए ही जो कुष्ठ रोगियों की पहचान करने का काम करता है लेकिन वह बेलगहना में घर पर  अवैध रूप क्लीनिक खोल ग्रामीणों का उपचार करता है इतना ही नहीं ये सख्स पिछले 30 सालों से ये काम स्वास्थ्य अधिकारियो की सरपरस्ती में बेख़ौफ़ होकर कर रहा तभी तो आज तलक इस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई वहीँ दर्जनों अवैध रूप से झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक पर विभाग ने छापामार कार्यवाही कर उन्हें बंद कर दिया।वहीँ जब इस मामले में स्वास्थ्य अधिकारी कोटा से इस स्वस्थ्य कर्मचारी की करतूत बता क्या कारवाही की जायेगी जैसा सवाल पूछा गया तो उनका जवाब भी कुछ अटपटा सा आया उनका कहना था की स्पष्टीकरण माँगा जावेगा। कार्यवाही की जगह इस तरह का जवाब जहाँ सैकड़ों ग्रामीणों की जान खतरे में डाल खुलेआम बगैर डिग्री उनके ही महकमे का कर्मचारी लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहा हो ऐसा जवाब गले नहीं उतरता।

बहरहाल देखना होगा की की ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं का ठीक होने का ढिंढोरा पीटने वाले उच्च अधिकारी अपने ही विभाग के कर्मचारी द्वारा घर पर क्लीनिक खोल बगैर डिग्री ग्रामीणों का उपचार करने के मामले को कितनी गंभीरता से लेकर नियमतः कोई ठोस कारवाही करते भी है या ये फर्जी बगैर डिग्री धारी डॉक्टर लोगों के जीवन से खिलवाड़ करता अपनी जेबें गर्म करता रहेगा।

error: Content is protected !!