सरकार 37.4 लाख किसानों के उत्पादित 110 लाख टन धान पर बोनस देती है तो उसका स्वागत – भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री रमन सिंह द्वारा कल भाजपा कार्यालय में भारी दबाव के चलते 2018 के चुनाव के मद्देनजर आनन-फानन में किये गये घोषणा के अनुसार राज्य के सोसाईटियों में रजिस्टर्ड 13 लाख किसानों को 2016-17 का 300 रू. प्रतिक्विंटल के हिसाब से 2100 करोड़ रू. के धान का बोनस दिये जाने की घोषणा की। इसके विपरीत छत्तीसगढ़ शासन के कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा महानदी भवन नया रायपुर दिनांक 31.08.2017 को अपर मुख्य सचिव अजय सिंह के हस्ताक्षर से जारी आदेश के अनुसार खरीफ वर्ष 2016-17 में किसानों द्वारा उत्पादित धान पर 300 रू. प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि दिये जाने के आदेश दिये गये है। इस आदेश की परिधि में राज्य के पूरे 37.4 लाख किसान आयेंगे। भले ही सोसाईटियों में 13 लाख पंजीकृत किसानों ने धान बेचाा था। लेकिन धान का उत्पादन 37.4 लाख से अधिक किसानों ने किया है तथा धान का उत्पादन समर्थन मूल्य में खरीदे गये प्रति एकड़ 15 क्विंटल से अधिक औसतन 20 से 25 क्विंटल का उत्पादन हुआ है सरकार के अपर मुख्य सचिव के जारी आदेशानुसार प्रदेश के इन सभी किसानों को बोनस का लाभ मिलना चाहिये। यदि सरकार की मंशा पूरे 38 लाख किसानों के द्वारा उत्पादित लगभग 110 लाख टन धान पर बोनस देने की है तब कांग्रेस इस निर्णय का स्वागत करती है।

कांग्रेस इस बात के लिये सरकार पर लगातार दबाव बनाते रही है कि प्रदेश के 37.4 लाख से अधिक किसानों द्वारा 2016-17 में उत्पादित 110 लाख मिट्रिक टन धान का 2100 रू. घोषित समर्थन मूल्य पर खरीदी एवं 300 रू. बोनस प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान करें। किन्तु किसानों के एक-एक दाना धान की खरीदी के वादा करने वाली सरकार ने सोसाईटियों में रजिस्टर्ड 15 लाख किसानों में से केवल 13 लाख किसानों के प्रति एकड़ 15 क्विंटल के हिसाब से 69 लाख मिट्रिक टन ही धान खरीदा और उसी को ही आधार बनाकर एक साल का केवल 13 लाख किसानों को ही 2100 करोड़ रू. की बोनस देने की घोषणा मुख्यमंत्री ने किया है लेकिन सरकार के आदेश मुख्यमंत्री के द्वारा भाजपा कार्यालय में की गयी घोषणा सरकार के आदेश के विपरीत है। मुख्यमंत्री के इस अधूरी घोषणा को राज्य के बाकी 24 लाख से अधिक छोटे एवं सीमांत किसानों के साथ अन्याय एवं धोखा बताते हुये प्रेसवार्ता के माध्यम से आलोचना की थी। किन्तु कृषि मंत्रालय महानदी द्वारा जारी आदेश को कांग्रेस के मंशा के अनुरूप बताते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि राजस्व एवं कृषि विभाग के आनावरी रिपोर्ट एवं सर्वे के रिपोर्ट के आधार पर राज्य के 37 लाख से अधिक किसानों द्वारा 2016-17 में उत्पादित 110 मिट्रिक टन धान के अनुसार बोनस देने का काम सरकार करें। साथ ही 3 वर्ष का बोनस एवं 4 वर्ष का समर्थन मूल्य की अंतर राशि जो लगभग 3830 रू. प्रति क्विंटल होती है जिसे भाजपा सरकार ने 2013-14 से राज्य के किसानों को देने का वायदा किया था वह राशि भी अविलंब राज्य के किसानों को भुगतान करें। साथ ही बघेल जी ने इस वर्ष चूंकि राज्य की अधिकांश हिस्से में सूखे का छाया है स्वयं मुख्यमंत्री के निर्वाचन जिले राजनांदगांव सूखे की चपेट में है जहां कुछ दिन पहले 50 हजार से अधिक किसानों ने फौरी राहत के लिये रमन सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर कर आंदोलन किये, ऐसे में सूखे से प्रभावित राज्य के किसानों के लिये तत्काल सूखा राहत एवं मुआवजा की घोषणा करें।

 

 

 

 

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