मानसून सत्र एक दिन की बजाय 6 दिनों के लिए बुलाई जाए : भूपेश  

रायपुर। सरकार ने किसानों को आधा-अधूरा बोनस देने की घोषणा की है उसका प्रावधान बजट में करने के लिए 22 सितंबर को एक दिन का सत्र बुलाया है। पिछला मानसून सत्र तो सरकार ने ढ़ाई दिन में ही खत्म कर दिया था। असमय सत्रावसान से जितने दिनों की बैठकें नहीं हो पाई थीं अब उसे पूरा किया जाए और सत्र 6 दिनों का बुलाया जाए। शनिवार को ये बातें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने पत्रकारवार्ता में कही। पत्रकारवार्ता में रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा, मीडिया विभाग के चेयरमैन ज्ञानेश शर्मा भी मौजूद थे।
भूपेश ने कहा कि, एक ओर मुख्यमंत्री कहते हैं कि कांग्रेस के पास मुद्दा नहीं है और दूसरी ओर कांग्रेस के सामने टिक नहीं पा रहे हैं। कांग्रेस उपध्यक्ष राहुल गांधी बस्तर में घोषणा करके गए थे कि, नगरनार का किसी भी कीमत पर निजीकरण नहीं होने देंगे। हम यह मुद्दा विधानसभा में उठाना चाहते थे।
भूपेश ने कहा कि, सुपेबेड़ा में किडनी की बीमारी से मौत, किसानों को घटिया खाद बीज, स्कूलों में शिक्षकों के खाली पद, कांकेर में डायरिया से मौत आदि विषयों पर कांग्रेस स्थगन प्रस्ताव लाने वाली थी। धारा 139 के तहत 6 और 130 के अंतर्गत 9विषयों पर चर्चा का प्रस्ताव कांग्रेस विधायक दल की बैठक में आया था। कम से कम11 विषयों पर ध्यानाकर्षण लाना चाहते थे लेकिन सरकार तो पहले ही भाग गई। भूपेश ने कहा कि, रमन सिंह अच्छे बॉलरों के सामने बैटिंग करने की बात कर रहे हैं लेकिन जब हमने बॉलिंग शुरु की तो मुख्यमंत्री और उनकी पूरी टीम पिच छोड़कर भाग गई।

 

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