धान पर बोनस के लिए विधानसभा का विशेष सत्र 22 को

रायपुर। किसानों को धान का बोनस बांटने के लिए सरकार को विधानसभा की अनुमति लेनी पड़ेगी इसके लिए इसी महीने विशेष सत्र बुलाए जाने की तैयारी है। यह सत्र बोनस के संबंध में बजट प्रावधान के मद्देनजर 22 सितंबर को बुलाई जा सकती है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार धान बोनस पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है।

संसदीय व्यवस्था के जानकारों के अनुसार 100 करोड़ तक का खर्च सरकार अध्यादेश के जरिए कर सकती है, लेकिन इससे अधिक के अतिरिक्त बजट के लिए विधानसभा की अनुमति जरूरी है। सरकार को धान का बोनस बांटने करीब 2100 करोड़ की आवश्यकता है और इसकी व्यवस्था दीपावली से पहले करना है, इस वजह से विशेष सत्र जरूरी है।किसानों को धान का बोनस बांटने की मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की घोषणा की फाइल अब तक वित्त विभाग में नहीं पहुंची है। विभागीय अफसरों के अनुसार फाइल आने के बाद ही तय होगा कि बोनस कैसे बंटेगा।

विपक्ष की मिली सहमति

धान बोनस के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की सूचना मिली है, हमसे सहमति मांगी गई है, जो हमने दे दी है। 

टीएस सिंहदेव, नेता प्रतिपक्ष

 

error: Content is protected !!