दिव्यांगजनों को समाज में सम्मान और प्रेम की जरूरत : डॉ. रमन सिंह

00 मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय पुरस्कार समारोह में 101 प्रतिभावान दिव्यांगजनों को किया सम्मानित

00 दिव्यांगजनों के लिए रायपुर में कॉलेज जल्द शुरू करने का वायदा

रायपुर| मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि दिव्यांगजनों को समाज में सम्मान और प्रेम की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों में प्रतिभा की कमी नही है। वे उत्साह और विश्वास के साथ आगे बढ़े। राज्य सरकार और समाज उनके साथ है। हम सबका यह प्रयास है कि समाज में दिव्यांगजनों की भागीदारी अधिक से अधिक हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए राजधानी रायपुर में जल्द ही महाविद्यालय प्रारंभ होगा। मुख्यमंत्री आज यहां नया रायपुर स्थित श्री सत्य सांई सौभाग्यम आडिटोरियम में दिव्यंागजनों और मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान के लिए आयोजित ’’दिव्यांगजन राज्य पुरस्कार क्षितिज-अपार संभावनाएं’’ समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने समारोह में 101 दिव्यांगजनों को सम्मानित किया। इनमें हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी बोर्ड परीक्षाओं में सर्वाधिक अंकों से उत्तीर्ण विद्यार्थी और लोक सेवा आयोग तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्तीर्ण दिव्यांगजन शामिल हैं। डॉ. सिंह ने इनके अलावा दिव्यांगजनों के कल्याण के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्याे के लिए बालोद जिले को भी सम्मानित किया। उन्होंने दिव्यांग कल्याण के लिए कार्यरत पांच सस्थाओं केा भी पुरस्कार दिए।
समारोह की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल ने की। गृह मंत्री श्री रामसेवक पैकरा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू और पूर्व संसदीय सचिव श्री विजय बघेल विशेष अतिथि के रूप में समारोह में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि दिव्यांगजनों की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, उन्हें सक्षम बनाने और रोजगार से जोड़ने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा और सुकमा जैसे दूरस्थ स्थानों में दिव्यांगों के लिए सर्व सुविधा सम्पन्न शिक्ष संस्थान स्थापित किये गए है। दिव्यांगों के कल्याण के लिए सभी जिलों में अच्छे काम किये जा रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों के कार्यक्रम में आकर मुझे सबसे ज्यादा खुशी होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि दिव्यांगजन आगे बढ़ने की ठान ले तो कोई भी ताकत उन्हें आगे बढ़ने से नही रोक सकती। डॉ. सिंह ने इस संबंध में प्रसिद्ध वैज्ञानिक स्टीफन हाकिंन्स, खिलाड़ी देवेन्द्र झांझरिया, सुश्री हेलेन केलर, श्री रविन्द्र जैन, श्रीमती सुधा चन्द्रन का उदाहरण देते हुए कहा कि इन लोगों ने अपने-अपने क्षेत्र में ऊंचाईयों को छूआ है। ये लोग ही वास्तव में सुपर हीरो हैं। मुख्यमंत्री ने समारोह में दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा, स्नातक और स्नातकोत्तर परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों, संघ लोक सेवा आयोग और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में सफल दिव्यांगजनों तथा दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया। डॉ. सिंह ने जिला प्रशासन बालोद द्वारा दिव्यांगजनों के सर्वागीण विकास और कल्याण के लिए किये जा रहे उत्कृष्ट कार्यो के लिए बालोद जिले को प्रदेश के सर्वाेत्तम जिले के रूप में सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा -दिव्यांगजनों को सक्षम बनाकर समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे है। समाज कल्याण मंत्री श्रीमती रमशीला साहू ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना क्षितिज अपार संभावनाएं एकीकृत योजना, सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना, छात्रगृह योजना आदि के माध्यम से उनके कल्याण के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के माध्यम से दिव्यांगों को भी तीर्थ यात्रा का अवसर दिया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री सोनमणि बोरा ने दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में छह लाख 24 हजार दिव्यांगजन है। समाज कल्याण विभाग के संचालक श्री संजय अलंग ने अभार प्रदर्शन किया। इस अवसर दिव्यांगजनों के लिए कार्य करने वाली संस्थाओं के अनेक प्रतिनिधि और विभिन्न संस्थाओं के विद्यार्थी बढ़ी संख्या में उपस्थित थे।

error: Content is protected !!