स्कूल प्रबंधन पर हो कार्रवाई, बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे प्रशासन : शैलेष पाण्डेय

बिलासपुर। कांग्रेस नेता, आदित्य वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष और डाॅ.सी.वी.रमन् विश्वविद्यालय के पूर्व रजिस्टार शैलेष पाण्डेय ने नेहरू नगर के स्कूल में तीन साल की बच्ची के साथ हुए छेड़छाड़ के मामले में कहा है कि शिक्षक के ऐसे घिनौने कृत्य से पूरा बिलासपुर शहर शर्मसार है। उस व्यक्ति ने समस्त गुरूओं को कलंकित कर दिया है। 3 साल की बच्ची के साथ ऐसी घटना से हर अभिभावक असुरक्षित महसूस कर रहा है। क्या इस संसार में लड़की पैदा करना पाप है। क्या समाज में बेटियों को बिना पढ़ाए ही मार डाला जाए। हम क्या अपनी बच्चियों को शिक्षा ग्रहण करने स्कूल भी नहीं भेज सकते।

शैलेष पाण्डेय ने स्कूल प्रबंधन को आडे़ हाथों लेते हुए कहा कि प्रशासन को इस पूरे मामले की जांच करना चाहिए, कि शहर के लिए सबसे पाॅल इलाके में से एक नेहरू नगर के इस स्कूल में प्रबंधन क्या कर रहा था। स्कूल में कितने कैमरे लगाए गए थे, कितनी महिला स्टाफ और शिक्षिका यहां कार्यरत हैं, विद्यार्थियों की देख रेख और उनकी सुरक्षा कैसे की जाती है। विद्यार्थियों को सुरक्षित लाने ले जाने के लिए क्या व्यवस्था की गई है। बड़े ब्रांड के स्कूल के मापदंडों को पूरा करने फर्जी वाड़ा तो नहीं किया गया है। कहीं कागजों में योग्य और अनुभवी स्टाफ बताकर फर्जी व अयोग्य लोगों को नौकरी में रखा तो नहीं गया। इसके साथ यह भी जांच की जानी चाहिए कि लड़की और लड़के के अनुपात के अनुसार ही स्कूल में महिला व पुरूष टीचर रखे गए हैं या नहीं। श्री पाण्डेय ने कहा कि छोटे बच्चों को पढ़ाने के लिए सिर्फ पढ़े लिखे व्यक्ति का होना ही पर्याप्त नहीं है। शिक्षक में संवेदनशीलता का गुण होना भी जरूरी है। इस घटना के सामने आने से यह बात स्पष्ट हो गई है, कि प्रबंधन का स्कूल पर कोई नियंत्रण नहीं था। एक घटना सामने आने के बाद इस बात का भय होने लगा है कि और कितने स्कूलों में कितने बच्चों के साथ ऐसी घटना हो रही होगी। जो डर के कारण सामने नहीं आ सकी है।  

राज्य स्तर पर बने कमेटी, हर माह हो रिपोर्टिंग :- श्री पाण्डेय ने मांग की है कि इस घटना के आधार पर शहर के सभी स्कूलों की जांच की जानी चाहिए। इसके लिए प्रशासन जांच के बिदंु तय करें। जिसमें बच्चों की सुरक्षा और सुविधा दोनों को सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ सभी स्कूल प्रबंधन प्रति माह प्रशासन के सामने प्रस्तुत होकर रिपोर्ट देना चाहिए। जिसमें सामान्य शिकायत से लेकर प्रबंधन की सभी जानकारी प्रशासन के सामने रखा जाए। सरकार को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रत्येक जिले में कमेटी गठित करना चाहिए। जिसमें जिले के कलेक्टर व एसपी अध्यक्ष व उपाध्यक्ष हो और प्रतिष्ठित समाजसेवी महिला व पुरूष सदस्य हों। इतना ही नहीं सरकार राज्य स्तर पर  इसकी निगरानी करें। तभी बेटियों पर हो रहे अत्याचार को रोका जा सकेगा और हम ऐसे कृत्य करने वाले लोगों को समाज से बाहर फेंक सकेंगे।

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