बीएएमएस चिकित्सकों को राज्य शासन ने दी एलोपैथिक दवाइयों के इस्तेमाल की इजाज़त

रायपुर।  प्रदेश के तीन हज़ार पंजीकृत बीएएमएस चिकित्सकों को ऐलोपैथिक दवाओं के इस्तेमाल की अनुमति राज्य सरकार ने दे दी है| इससे बीएएमएस बैचलर ऑफ़ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी के डिग्रीधारी अब उपचार के लिए एलोपैथिक दवाइयों का उपयोग और अपने क्लिनिक में भंडारण कर पाएँगे|

बीएएमएस के पाठ्यक्रम मे ही ऐलोपैथिक का एक पाठ्यक्रम होता है और उस आधार पर विभिन्न राज्यों में ऐलोपैथिक दवाओं के इस्तेमाल की छूट बीएएमएस छात्रों को मिली हुई है लेकिन प्रदेश में ऐसा नही था|

गौरतलब है कि बीएएमएस डिग्री धारियों के क्लिनिक से एलोपैथिक दवाएँ मिलने और उपयोग पर प्रशासन ने आपत्ति जताई थी जबकि ऐसी कार्यवाही को लेकर बीएएमएस डिग्रीधारी विरोध करते थे| सरकार ने आज अधिसूचना जारी कर आयुर्वेद चिकित्सकों को छूट दे दी है कि वे पढ़े पाठ्यक्रम के अनुरूप ही एलोपैथिक का उपयोग कर पाएँगे|राज्य सरकार की तरफ से जारी आदेश में लिखा गया है कि भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद अधिनियम द्तिय अनुसूची में सम्मिलित आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धति में उपाधि धारक और जो छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक. यूनानी और प्राकृतिक चिकित्सा व्यवसायी अधिनियम के अंदर पंजीकृत हों .. उन्हें एलोपैथिक मेडिसीन की इलाज की छूट दी जाती है। राज्य सरकार ने उन्हें पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी के रूप में घोषित करती है

 

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