दूरवर्ती शिक्षा की पढ़ाई अब सभी महाविद्यालयों में डॉ सीवी रमन विवि ने शुरू की प्रक्रिया

०० यूजीसी के रेग्युलेशन-2017 के निर्देशानुसार तय मापदंडों से खुलेंगे केंद्र

बिलासपुर। डॉ सी.वी.रमन् विश्वविद्यालय प्रदेश के महाविद्यालयों में दूरस्थ शिक्षा का अध्ययन केंद्रखोलने जा रहा है इसके लिए विश्वविद्यालय ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के विनियम-2017 के निर्देश के अनुसार तय मापदंडों पर खरा उतरने वाले संस्थानों में अध्ययन केंद्र प्रारंभ किए जाएंगे। शिक्षा सत्र 2018-19 में पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने मुक्त एवं दूरवर्ती शिक्षा में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए मुक्त एवं दूरस्थ माध्यमों में शिक्षा प्राप्ति विनियम-2017 लागू किया है। जिसमें स्पष्ट निर्देश दिया गया है, कि मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए वे विश्वविद्यालय ही आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने नैक का निरीक्षण कराया हो और उसे नैक की ग्रेड प्राप्त हो। डॉ सी.वी.रमन् विश्वविद्यालय प्रदेश का एक मात्र निजी विश्वविद्यालय है, जिन्हें नैक ने बी प्लस ग्रेड प्रदान किया है। साथ ही विश्वविद्यालय को नेशनल इंस्टिट्यूशनल रैंकिंग फे्रम वर्क में भी स्थान मिला है। विश्वविद्यालय मुक्त एवं दूरवर्ती शिक्षा संस्थान के माध्यम से डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो द्वारा अनुमोदित पाठ्यक्रम पहले से ही संचालित कर रहा हैं, जो विज्ञान, कला, वाणिज्य, प्रबंधन, सूचना तकनीक एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के अंतर्गत संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में यूजीसी के नए दिशा निर्देशों के अनुसार विश्वविद्यालय ने दूरवर्ती पाठ्यक्रमों के संचालन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। प्रदेश के सभी महाविद्यालयों से संपर्क कर आवेदन मंगाए जा रहे है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा सके। इस संबंध में जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने मुक्त एवं दूरवर्ती शिक्षा को और भी गुणवत्ता युक्त करने के लिए संबंधित उच्च शिक्षा संस्थान को नैक ग्रेड होना अनिवार्य किया है। चौबे ने कहा कि गुणवत्ता युक्त दूरवर्ती शिक्षा के लिए यह यूजीसी की सराहनीय पहल है। यूजीसी के इस निर्देश से दूरवर्ती शिक्षा में कसावट आएगी और विद्यार्थियों को और भी बेहतर शिक्षा दे पाएंगे। यूजीसी के मापदंडों को पूरा करने वाले महाविद्यालयों को चयनित कर सत्र 2018-19 में पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा।

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