कुख्यात नक्सली गणेश ऊईके के गनमैंन सहित नौ नक्सलियों ने किया आत्मसपर्पण

०० आत्म समर्पित सभी नक्सलियों को पुलिस ने दस-दस हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की

दंतेवाड़ा। बस्तर के कुख्यात नक्सली लीडर गणेश उइके के गनमैन सहित आठ अन्य नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है जो जिला पुलिस बल के लिए यह बड़ी सफलता के रूप में मन जा रहा है। नक्सलियों के दक्षिण सब जोनल ब्यूरो सचिव गणेश उइके के सुरक्षागार्ड सहित 9 नक्सलियों ने एसपी कमलोचन कश्यप के समक्ष समर्पण किया जिसके बाद नक्सलियों के बड़े लीडरों को घेरने में पुलिस ने तैयारी शुरु कर दी है आत्म समर्पित सभी नक्सलियों को पुलिस ने दस-दस हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की है।
दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक कमलोचन कश्यप ने बताया कि, रविवार को एसपी कार्यालय में 9 नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया। इनमें नक्सली नेता गणेश उइके का गनमैन बारसे उर्फ नंदा पिता कोसा मंडावी भी शमिल है। बारसे गनमैन के साथ ही पार्टी प्लाटून कमेटी और मिलिट्री प्लाटून में भी सक्रिय रहा है। अरनपुर निवासी बारसे टहकवाड़ा सुकमा की घटना, जिसमें 16 पुलिस कर्मी शहीद हुए थे और कसालपाड़ की घटना, जिसमें 14 जवान शहीद हुए थे, जैसी बड़ी नक्सली वारदात में शामिल था।एनएमडीसी प्लांट में सीआईएसएफ के गश्ती दल को विस्फोट में उड़ाने की घटना में शामिल तीन लाख का इनामी और एलजीएस का डिप्टी कमांडर हिंगा पिता रिक्का, उसकी पत्नी कोसी, बस्तर डिवीजन बटालियन नंबर-1 का सक्रिय सदस्य और आठ लाख का इनामी सुक्का पिता बंडी मड़कामी, एक-एक लाख के इनामी बामन पिता भीमा कुंजाम, बुधराम पिता सुकड़ा सोरी, दक्षिण बस्तर बटालियन कंपनी नंबर 1 का सक्रिय सदस्य तथा आठ लाख का इनामी भीमा पिता मंगलू पोडियामी और जनमिलीशिया सदस्य सुदरू पिता पोदिया तथा सहदेव पिता गुड्डी ने भी आत्मसमर्पण किया है। सभी को पुनर्वास नीति के तहत सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।
कुख्यात नक्सली गणेश उइके हो चुका है कमजोर :- एसपी कश्यप ने कहा कि, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली बारसे उर्फ नंदा ने बताया कि उनका लीडर गणेश उइके अब बुजुर्ग होने के साथ ही काफी कमजोर हो गया है। वह लाठी के सहारे खड़ा होता है। उसे चलने-फिरने में दिक्कत है। संगठन के लोग उसे ढोला में बिठाकर ले जाते हैं। जमीन पर ज्यादा देर नहीं बैठ पाता। मीटिंग के दौरान उसके लिए खाट या कुर्सी की व्यवस्था की जाती है। वह इन दिनों बैलाडिला के पहाड़ी पर है और करका तथा हुर्रेपाल के जंगल में ज्यादा रहता है।एसपी कश्यप ने कहा कि, सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित और नक्सलियों की करतूतों को समझने के बाद लोग समाज की मुख्यधारा में जुड़ रहे हैं। नक्सली लीडर गणेश उइके का गनमैन सहित 9 लोगों के आत्मसमर्पण के बाद साफ है कि नक्सलियों के पैर उखडऩे लगे हैं। समर्पित नक्सलियों की सूचनाओं पर आगे बड़ी रणनीति बनाकर बड़े लीडरों को घेरा जाएगा।

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