सरकारी शराब में निकल रहे जहरीले कीड़े, आबकारी विभाग कार्यवाही को लेकर है उदासीन  

०० शराब दूकान के कर्मचारी व वेलकम डिसलरी प्रबधन पर नहीं हुई अब तक कार्यवाही

कोटा| छत्तीसगढ़ शासन को करोड़ों का राजस्व प्रदान करने वाली शासकीय शराब दुकाने छत्तीसगढ़ के मदिरा प्रेमियों को शराब के साथ जहर भी परोस रहे हैं सरकार की कोशिश  थी कि शराब ठेकेदारों द्वारा अवैध शराब बेचने वाले कोचिंओ पर नकेल कस सके इस वजह से सभी शराब दुकानों को शासन ने अपने मातहत कर नए सिरे से शराब बेचने का कार्य शुरू किया पर जिस तरह से शराब दुकानों में लोगों को शराब भी जा रही है उससे कभी भी कोई भी बड़ी गंभीर घटना होने की संभावना है|

कोटा की सरकारी शराब दुकानों में देशी व अंग्रेजी में कुछ दिनों पहले देसी शराब की बोतल में एक मरा हुआ जहरीला कीड़ा मिला जो कि सील बंद था जिसकी शिकायत शराब खरीदने वाले युवक ने कोटा तहसीलदार से की थी जिसकी सूचना तहसीलदार ने आबकारी विभाग को दी वह इस पर जांच कर उचित कारवाही के लिए कहा गया एसडीएम कोटा द्वारा भी आबकारी विभाग को कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया उसके बाद भी आबकारी विभाग द्वारा कार्यवाही को लेकर हील-हवाला किया जा रहा है| आबकारी विभाग द्वारा इसकी जानकारी प्राप्त नहीं हो पाई है शराब लेने वाला युवा ग्रामीण क्षेत्र से था शराब पीने से पहले उसने थोड़ी सावधानी बरती वरना उसकी जान भी जा सकती थी बहरहाल इससे पूर्व में भी ऐसी घटना हो चुकी थी पहले के ठेकेदारों के समय पर वर्तमान में सरकार द्वारा खुद शराब बेचने के बाद भी इस तरह की घटना हो ना सीधे-सीधे लापरवाही है|

वेलकम डिसलरी का है विवादों से पुराना नाता :- कोटा के  कि छेरका बांदा में शराब की फैक्ट्री वेलकम डिस्टलरी जहा से सराब  निकल कर सरकारी दुकानों में पहुंचती है वेलकम डिस्लरी का विवादों से काफी पुराना वास्ता रहा है 3 साल पहले शराब बनाने वाली स्पीड में आग लगी थी जिसमें काफी सारे मजदूर झुलस गए थे काफी कभी पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाला मामला हो या अभी कुछ माह पहले प्रोडक्शन के काम करते हुए विस्फोट से कुछ मजदूरों की मौत भी हो गई थी कुछ घायल भी हो गए थे जिनको प्रबंधन ने मुझे भी दिया पर उस घटना के बाद भी पुनः वेलकम प्रबंधन ने कोई शिख  नहीं ली आज पूरी वाटलिंग में शराब भरकर इन की फैक्ट्री से निकल रहे  शराब की बोतलों में शराब  के साथ जहरीले कीड़े मकोड़े भी परोसा जा रहा है वेलकम प्रबंधन को सिर्फ पैसों से मतलब है लोगों की जान जाती है उसकी परवाह ना पहले थी ना अब है|

लगातार निकल रहे शराब की बोतल में जहरीले कीड़े:-  सरकारी देशी शराब की बोतल में जहरीला कीड़ा निकलने की घटना को एक दिन भी नहीं हुए थे कि दूसरे दिन मीडिया द्वारा शराब दुकानों का जायजा लिया कि कहीं बोतलों में फिर से कोई ऐसा मामला तो नहीं है पर मीडिया द्वारा फिर से उन देसी शराब की बोतलों में जहरीले कीड़े वह गंदी गंदगी सहित शराब के कलर में भी अंतर पाया गया मीडिया के द्वारा उस बोतलों को खरीद कर रखा गया और जब इसके बारे में भट्टी में मैनेजर से पूछताछ की गई तो वहां से  भाग गया इसकी जानकारी फिर से कोटा तहसीलदार एस डी एम कोटा को आबकारी विभाग के अधिकारियों को दी गई पहले वाली घटना में कोई कारवाही तो अब तक नहीं देखी गई दूसरे वाले मामले आने के बाद भी कार्यवाही के नाम पर केवल और केवल खानापूर्ति हो रही है जब मीडिया के द्वारा वेलकम की फैक्ट्री जाकर वेलकम के प्रबंधन मैनेजमेंट श्रीवास्तव से बात करने पर इसके बारे में सही जानकारी नहीं दी गई हां बीच-बीच में प्रबंधन के बचाव में अंग्रेजी के कुछ शब्द को बोल कर अपने पढ़े लिखे होने का सबूत उन्होंने बखूबी दिया कभी जवाबदारी जिला आबकारी के अधिकारियों पर डाला तो कभी वहां पर कार्य कर रहे मजदूरों पर बात करने के दौरान मैनेजर साहब ने प्रबंधन की लापरवाही को पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया वहीं पर जिला कलेक्टर द्वारा नियुक्त किए गए अपर कलेक्टर की कुर्सी खाली देखकर आबकारी विभाग के एक और  जिम्मेदार अधिकारी से  इस बारे में उनसे जानकारी लेने के बाद  भी अपनी जवाबदारी से बचते रहे उन्होंने भी इस घटना की जवाबदारी वेलकम प्रबंधन वह मजदूरों पर डाल दिया मीडिया के सवालों की बौछार को देखते हुए उनको जवाब देते नहीं बन रहा था आखिर में उन्होंने पूरी लापरवाही का ठीकरा छत्तीसगढ़ सरकार के ऊपर फोड़ दिया|

आबकारी विभाग महज दिखावे के लिए कर रही मानिटरिंग :- शासन द्वारा जिन्हें  निगहबानी के लिए हजारों रुपए वेतन देती है पर यह अधिकारी केवल और केवल सरकार की दी हुई  कुर्सी तोड़ते रहते हैं क्या घटना  हो जाए किसकी  मौत हो जाए इस तरह की बातों से इनका कोई सरोकार नहीं है शासन और प्रशासन से कुछ अधिकारियों को चाहिए ऐसे आलसी कुर्सी तोड़ अधिकारी  को सेवा से बर्खास्त कर मुक्त कर देना चाहिए ऐसे लापरवाह अधिकारियों का बार-बार घटना होने के बाद भी सीख नहीं लेते उनके ऊपर तत्काल कार्यवाही  करना चाहिए वैसे भी अभी अगस्त का महीना चल रहा है जिसमें  सरकार ने सेवा से बर्खास्त वाला एपिसोड जारी कर रखा है देखना पड़ेगा कि अधिकारी आबकारी विभाग के अधिकारियों पर अब क्या कार्यवाही करती है|

 

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