प्लेसमेंट के लिए संकल्पित है पीएमकेके केंद्र-चौबे

०० कृषि आधारित प्रशिक्षण को मिलेगा बढ़ावा

०० सीवीआरयू के कुलाधिपति संतोष चौबे ने किया पीएमकेके का निरीक्षण

 बिलासपुर। किसी भी देश के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए कौशल और ज्ञान दो प्रेरक शक्ति होती हैं। आज के वैश्विक माहौल में तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं की मुख्य चुनौती से निपटने में वह देश अग्रणी हैं जिन्होंने कौशल का उच्च स्तर प्राप्त कर लिया है, या पूर्ण रूप में दक्षता हासिल कर ली है। कौशल विकास केंद्र मुख्य रूप से युवाओं पर ही केंद्रित है। ऐसे में हमारा प्रदेश आज अच्छी स्थिति में है, हमारी अर्थव्यवस्था को इसका लाभ तभी मिलेगा जब हमारी युवा शक्ति शिक्षित और कुशल होगी। उक्त बातें डाॅ.सी.वी.रामन् विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने कही वे डा.सी.वी.रमन् विश्वविद्यालय में स्थापित प्रधानमंत्री कौशल केंद्र में प्रशिक्षुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्हांेने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल केंद्र में भविष्य में कृषि आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ राज्य एक कृषि प्रधान राज्य है, इसलिए इसे धान का कटोरा भी कहा जाता है। ऐसे में यह बात स्वाभाविक है, कि कृषि के क्षेत्र में रोजगार के अवसर अधिक हैं। चौबे ने बताया कि वर्तमान में इस केंद्र में ट्रैक्टर आपरेटर जाॅब वर्क का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा भी कृषि के क्षेत्र में रोजगार के अवसर अधिक हो सकते हैं। इस बात को ध्यान में रखकर ही आईसेक्ट सभी प्रधानमंत्री कौशल केंद्र में कृषि के अन्य जाॅब वर्क जल्द ही शुरू करेगा। श्री चैबे ने बताया कि सीवीआरयू के प्रधानमंत्री कौशल केंद्र में डाटा इंट्री आॅपरेटर, कम्प्यूटर हार्डवेयर, असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन, ट्रेक्टर आॅपरेटर, जीएसटी एकाउंट एक्जीक्यूटिव और एकाउंट एक्टीक्यूटीव के आधुनिक जाॅब रोल में भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भारत सरकार के निर्देश पर आईसेक्ट के छत्तीसगढ़ प्रदेश में कुल 11 केंद्र खोले जा चुके हैं। साथ ही देश में कुल 23 केंद्रों में विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। श्री चैबे ने कहा कि इन सभी केंद्रों में भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता विकास मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार योग्य और अनुभवी प्रशिक्षक है। साथ ही कौशल केंद्रों में उच्च स्तरीय लैब और सुव्यवस्थित क्लास रूम की सुविधा है। कुलाधिपति श्री चैबे ने प्रशिक्षण ले रहे विद्यार्थियों से चर्चा की। इस अवसर पर उन्होनंे विद्यार्थियों को इनडक्शन किट भी प्रदान किया।

उद्योगों से किया जा रहा अनुबंध :- चौबे ने बताया कि वर्तमान में जिन 6 जाॅब रोल में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, इसमें कम्प्यूटर हार्डवेयर की जानकारी, की बोर्ड पर अभ्यास, लैब की जानकारी, विद्युत ंसंबंधित जानकारी, विद्युत फिटिंग, टैक्टर परिचालन और कृषि उपकरण की जानकारी, एकाउंट व जीएसटी रिपोर्ट, रिटर्न फाईलिंग, टेली और कामर्स की सभी जानकारी दी जा रही है। जब प्रशिक्षु इस काम में दक्षता हासिल कर लेंगे तब केंद्र इन विद्यार्थियों को शतप्रतिशत रोजगार दिलाने प्रयास करेगा। इसके लिए पीएमकेके संकल्पित है। इसके लिए उद्योगों और संस्थानों से अनुबंध किया जा रहा है। ट्रेनिंग एंड प्लेंसमेंट विभाग इसके लिए काम कर रहा है। ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार दिया जा सके।

 

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