गायों की मौत के मामले में कांग्रेस ने दिल्ली में छग सरकार को घेरा   

रायपुर। प्रदेश में तीन गोशालाओं में 350 से अधिक गायों की मौत के मामले में कांग्रेस ने दिल्ली में पत्रकारवार्ता कर प्रदेश सरकार को घेरा। कांग्रेस ने मंगलवार को पत्रकारवार्ता में आरोप लगाया कि गोशालाओं में चारा और पानी नहीं मिलने से गायों की मौत हुई है। उन्होंने इसका ठीकरा प्रदेश सरकार पर फोड़ा है। सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में प्रत्येक आदिवासी परिवार को एक गाय देने का वायदा किया था, पर केवल कुछ हजार परिवारों को ही गाय मिल पायी, वह भी ऐसी जर्जर अवस्था में की उसे पालना भी मुश्किल हो जाए।
नई दिल्ली में हुई पत्रकारवार्ता में छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया, राष्ट्रीय प्रमुख प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला, प्रभारी सचिव कमलेश्वर पटेल, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल व नेता प्रतिपक्ष टी एस सिंह देव मौजूद थे। पत्रकारवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि, जिन तीन गौशालाओं में गौवंश की हत्या हुई है, वह तीनों ही भाजपा नेताओं की ओर से संचालित है। इनमे मुख्य आरोपी, दुर्ग स्तिथ शगुन गौशाला का संचालक भाजपा नेता व जामुल नगरपालिका उपाध्यक्ष हरीश वर्मा है, जिसके गौशाला में 200 से अधिक गाय मृत पायी गयी है हरीश वर्मा के रिश्तेदारों की दो अन्य गौशालाएं भी हैं, जहां 120 गाएं मृत पाई गई है। जिस गौशाला को भाजपा का कार्यकर्ता हरीश वर्मा संचालित करता था उसे वर्ष 2010-11 से 2016-17 तक 93.63 लाख रूपयों का अनुदान मिल चुका था। कांग्रेस के लिए गौवंश राजनीति का मसला नहीं है। पूरे भारत की तरह कांग्रेस भी मानती आई है कि गौवंश भारतीय संस्कृति का एक पूज्यनीय अंग रहा है। लेकिन कांग्रेस गौवंश को लेकर पूरे देश में भाजपा की ओर से की जा रही विभाजन और ध्रुवीकरण की राजनीति को लेकर गंभीर चिंता का विषय मानती है और इसके बहाने से दलितों और अल्पसंख्यकों को प्रताडि़त करने को कुत्सित राजनीति मानती है।

 

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