ऑक्सीजन की कमी से नहीं, बीमारी से हुई बच्चों की मौत : स्वास्थ्य सचिव

रायपुर। डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में रविवार को तीन बच्चों की मौत ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने से नहीं बल्कि बीमारी के कारण हुई है। सोमवार को ये बातें छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य सचिव सुब्रत साहू ने कही। अम्बेडकर अस्पताल के सभागृह में पत्रकारवार्ता में अस्पताल प्रबंधन का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि, रेस्प्रेरेक्ट्री फैल्योर के कारण बच्चों की नेचुरलडेथ हुई है। हां, इस मामले में ऑक्सीजन सप्लाई कक्ष में जो लापरवाही सामने आई उस को तत्काल संज्ञान में लेकर ड्यूटी के दौरान ऑक्सीजन प्लांट के कर्मचारी को शराब के नशे धुत्त मिलने के कारण मौदहापारा थाना पुलिस को सौंपा गया।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव ने आगे बताया कि, ऑक्सीजन सप्लाई का लेवल कम होने के संकेत पर तत्काल ड्यूटी पर उपस्थित पीडियाट्रिक विभाग की डॉ. स्मिता पारमार ऑक्सीजन सप्लाई कक्ष में गई थीं। उस दौरान कक्ष में कोई नहीं था। डॉक्टर ने स्वयं व्यवस्था को ठीक किया। इस लापरवाही की सूचना अस्पताल अक्षीक्षक विवेक चौधरी को दी गई। डॉ. चौधरी ने तत्काल इस मामले को संज्ञान में लेकर जांच की। प्लांट में रवि चन्द्रा (30) निवासी रायपुरा की ड्यूटी थी। रवि प्लांट में शराब के नशे में बेसुध पड़ा था, जिससे अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई का तकनीकी संचालन प्रभावित हुआ। इससे सप्लाई का प्रेशर कम होने लगा, जिसे दुरुस्त किया गया। रवि को उठाने की कोशिश की गई तो वह विवाद करने लगा। इसके बाद मौदहापारा थाना पुलिस से संपर्क किया और थाने में आरोपी रवि के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने धारा 186 के तहत रवि को गिरफ्तार किया है। हां. एक और लापरवाही सामने आई है कि, प्लांट में हमेशा दो लोगों की ड्यूटी लगती है लेकिन रविवार को केवल रवि ही ड्यूटी पर था, इसकी भी जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि, रविवार दोपहर बेबी ऑफ श्रद्धा की उपचार के दौरान मौत हुई थी। इनके 15 अगस्त को जुड़वा बच्चे हुए थे। एक बच्चे की मौत जन्म लेते ही हो गई थी और बच्ची को यहां भर्ती किया गया था। बच्ची का वजन 900 ग्राम था। 27 सप्ताह में ही जन्म हो गया थ। लो बर्थ वेट और रेस्प्रेरेक्ट्री फैल्योर के कारण बच्ची की मौत हुई है। इसी तरह दोपहर 1: 20 बजे ही बेबी ऑफ पुष्पा की उपचार के दौरान मौत हुई थी। इसका जन्म 15 अगस्त को हुआ था। वजन 1.75 किलोग्राम था। हार्ट की समस्या थी और रेस्प्रेरेक्ट्री फैल्योर के कारण मौत हुई है। वहीं बेबी ऑफ ममता की मौत 1:30- बजे हुई। जन्म 19 अगस्त को हुआ था। वजन 2.2 किलोग्राम था। इनके बच्चे की भी मौत रेस्प्रेरेक्ट्री फैल्योर के कारण हुई है। तीनों बच्चों का पोस्टमार्टम भी करवाया जाएगा ताकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद और भी प्रमाणिकता सामने आए। इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के आदेशानुसार जांच की जाएगी और जांच में लापरवाही या कोई दोषी पाया गया तो जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा।

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