पोला त्यौहार के लिए मिट्टी के खिलौनों से सजा बाजार

रायपुर। पोला पर्व के लिए रविवार सुबह से मिट्टी के खिलौनों और बैलों का बाजार सजा रहा। बच्चे परिजनों के साथ खरीदारी करने पहुंचे। शहर के आमापारा, शीतला बाजार, रायपुरा, लाखेनगर के अलावा और भी स्थानों पर बाजार सजा रहा। रविवार होने के कारण भी लोग बाजार की ओर रुख किए। ज्यादातर महिलाएं और युवतियां आने वाले तीज पर्व के लिए नए कपड़ों की खरीदारी करती रहीं।
सोमवार 21 अगस्त को पोला मनाया जाएगा। घरों में विशेष पकवान बनाए जा रहे हैं। कल मिट्टी के खिलौनों, बर्तनों और बैलों की पूजा की जाएगी। प्रदेश भर में बैल दौड़ होगी। बच्चों में उत्साह देखते ही बन रहा है।
रायपुरा की रहने वाली जमुना चक्रधारी (78) ने बताया कि वे पिछले 65 वर्षों से पोला के पहले मिट्टी के खिलौने और बैल बना रही हैं। वे आषाढ़ महीने की शुरुआत से ही काम शुरु कर देती हैं। उनका बेटा थान सिंह भी इस काम में उनकी मदद करता है। थान सिंह ने बताया कि वे मिट्टी का जाता, कढ़ाई, चूल्हा, सिगड़ी, बाल्टी, कप-प्लेट, थाली, बैला के अलावा और भी सामान बनाते हैं। उनका कहना है कि लोगों में इन सबके प्रति उतना उत्साह नहीं दिखता। प्लास्टिक के खिलौनों ने मिट्टी के खिलौनों की जगह ले ली है। हमारे पारंपरिक त्यौहारों पर आधुनिक बाजार हावी है। जब दाम कम हुआ करते थे तो हम पोला के एक दिन पूर्व 3 हजार का सामान बेच दिया करते थे लेकिन अब तो हजार रुपए का भी सामान मुश्किल से बिकता है। रायपुरा से लाखेनगर मिट्टी का खिलौना और बैल बेचने आए सुकालु चक्रधारी ने बताया कि साल दर साल लोगों के उत्साह में कमी आई है। सुबह 6 बजे से अपनी पत्नी और बच्चों के साथ बैठे हैं। इक्का दुक्का लोग ही खरीदने आए अब ज्यादातर सामान वापस लेकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार की सुबह फिर आएंगे हो सकता है कुछ और लोग आकर खरीदारी कर लें।

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