तीन करोड़ की धोखाधड़ी नाइजीरियन गिरोह के 6 सदस्य गिरफ्तार  

रायपुर। फर्जी ईमेल से लाखों डॉलर का कमीशन मिलने का झांसा देकर 3 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले नाइजीरियन गिरोह को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरोह में 3 सदस्य नाइजीरियन मूल के बताये जा रहे हैं। आरोपियों को क्राइम ब्रांच की मदद से भागलपुर और दिल्ली से गिरफ्तार कर रायपुर लाया गया है।
रायपुर एसपी डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि आरोपी विनोद पासवान (37) निवासी जिला गया बिहार वर्तमान निवास नई दिल्ली, फिरोज अहमद (35) निवासी जिला सिवान वर्तमान निवास नई दिल्ली, खुस्तर परवेज उर्फ अनवर निवासी भागलपुर वर्तमान निवास दिल्ली, के अलावा नाईजीरिया के फिडेलिस हैरिस इकेचु (38), मार्टिन योबन्ना न्वासोलिया (40) और रापुलुचूक्वू इवारिस्टस नवावुजे को गिरफ्तार किया है, जो हाल में दिल्ली में रह रहे थे। आरोपियों के पास से 30 मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड, बैंक में सीज्ड 24 लाख रुपए, 4 बैक पासबुक, 5 लैपटॉप और 8 चेकबुक जब्त की गई है। मौदहापारा पुलिस ने धारा 420, 468, 471, 120 और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत गिरफ्तार किया है। रायपुर के मौदहापारा थाना में सहारा के कर्मचारी प्रदीप बड़ोले ने धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया था कि उसे एक ई-मेल आया जिसमें मवीस जेक नामक व्यक्ति ने खुद को अफगानिस्तान में पदस्थ अमेरिकन सैनिक बताया था। उसके पास सील बंद बॉक्स में 17 लाख डॉलर की राशि है जिसे किसी कारणों से वह अमेरिका ले जाने में सक्षम नहीं है। अगर आप कस्टम राशि का भुगतान कर उक्त राशि को प्राप्त करते हैं तो इसके बदले वह 20 प्रतिशत राशि देगा। प्रदीप आरोपी के झांसे में आ गया और उसने 26 अलग-अलग बैंक के खातों में 36 किश्तों में 3 करोड़ रुपए जमा कराए। प्रदीप के पास इतने रुपए नहीं थे इसलिए उसने कंपनी के खाते से आरोपियों के बताए अकाउंट में पैसे जमा कराए। इतनी बड़ी रकम जमा कराने के बाद प्रदीप को लगा कि उसके साथ धोखा हो रहा है, तो उसने मामले में मौदहापारा थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस अधीक्षक अपराध अजातशत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि, शिकायत के बाद रायपुर क्राइम ब्रांच और मौदहापारा थाना से एक टीम को दिल्ली रवाना किया गया। टीम ने मोबाइल नबंरों की जांच की तो सभी फर्जी निकले। आरोपियों के बैंक खातों की जांच की गई जिसमें सभी खते फर्जी आईडी से खोलना पाया गया। पुलिस को जांच के दौरान एक क्लू मिला जिसके आधार पर वह आरोपी विनोद पासवान तक पहुंची। विनोद ने पूछताछ में बताया कि फिरोज के साथ मिलकर फर्जी बैंक खाते खोले थे जिसमें प्रदीप बड़ोले से रुपए जमा कराए गए थे। विनोद ने बताया कि वह फिरोज, अनवर और कुछ नाईजीरियन ने मिलकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। विनोद के बताए अनुसार पुलिस ने आरोपी फिरोज को दिल्ली से और अनवर को भागलपुर से गिरफ्तार किया। इसके बाद तीन नाइजीरियन को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी नाइजीरियन नागरिक काम के बदले विनोद, फिरोज और अनवर को कमीशन दिया करते थे। बैंक पासबुक और साइन किया ब्लैंक चेक अपने पास रखते थे। खाते में पैसे आने के बाद तीनों पैसे आपस में बांट लेते थे।

 

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