किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाली भाजपा सरकार ने की गायों की क्रूर हत्या: कांग्रेस

रायपुर। प्रदेश में किसानों की हालत चिंताजनक है, और राज्य सरकार जश्न मना रही है। रविवार को ये बातें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कांग्रेस भवन में आयोजित एक पत्रकारवार्ता में कही। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा ने तो उन गायों को भी नहीं छोड़ा जिनके के नाम पर वो बरसों से राजनीति करती आ रही है। प्रदेश में सूखे के हालात हैं और सरकार किसानों की सुध लेने की जगह जश्र मना रही है।
प्रदेश लगातार तीसरे साल सूखे की चपेट में है सरकारी आंकड़ों के हिसाब से 53 तहसीलों में सूखे की स्थिति है. लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि 90 से ज्यादा तहसीलों में सूखा पड़ चुका है।किसानों के अनुसार आधी बोनी बाकी रह गई है और बहुत सी जगह रोपाई भी नहीं हो पाई है।राज्य में 85 वृहद, मध्यम और लघु सिंचाई योजनाए ंहैं, लेकिन किसानों के लिए किसी काम की साबित नहीं हो रही हैं।25 जलाशयों में 20 प्रतिशत से कम, 26 जलाशयों में 20 से 30 प्रतिशत, 15 जलाशयों में 30 से 40 प्रतिशत, 7 जलाशयों में 40 से 60 प्रतिशत और 12 जलाशयों में 60 प्रतिशत तक ही जल भराव हुआ है। सरकार पहले से ही सिंचाई का पानी उद्योंगों को बेच चुकी है इसलिए किसानों को समय पर पानी भी नहीं दिया जा सका है।जिस समय किसानों को तत्काल राहत की जरूरत है, उस समय रमन सिंह जी जश्न मना रहे हैं। मेला मड़ई में व्यस्त हैं। उन्हें अब जाकर समीक्षा करने की सुध आई है. पता नहीं राहत कब पहुंचेगी।
छत्तीसगढ़ में पिछले एक दशक में किसानों की हालत लगातार खराब हुई है. यही वजह है कि हर साल हजारों किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं। रमन सिंह ने किसानों के साथ सिवाय ठगी के कुछ नहीं किया है. न वादे के मुताबिक 2100 रुपए का समर्थन मूल्य दिया और न 300 रुपए का बोनस। सरकार को चाहिए कि वह तुरंत बकाया बोनस और समर्थन मूल्य का पैसा देने की घोषणा करे, जिससे कि सूखे से निपटने में उन्हें सहायता मिल सके। सिंचाई के लिए तुरंत पानी दिया जाए और जिन किसानों को वैकल्पिक फसल लेनी है उन्हें बिना शुल्क बीज-खाद की सहायता दी जाए।प्रदेश में 85 वृहद्, मध्यम और लघु सिंचाई योजनाएं हैं, लेकिन किसानों के लिए किसी काम की साबित नहीं हो रही है। सरकार को अब जाकर समीक्षा करने की याद आई है और तो पता नहीं राहत कब पहुंचेगी? सरकार को चाहिए कि वह तुरंत बकाया बोनस और समर्थन मूल्य का पैसा देने की घोषणा करे, जिससे सूखे से निपटने में उन्हें सहायता मिल सके। बेरला की घटना का जिक्र करते हुए कांग्रेसियों ने कहा कि सरकार अपराधियों पर कार्रवाई करने की जगह कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज करा रही है। इसके पूर्व भी कर्रामाड़ और दुर्गकोंदल में भी सैकड़ों गायों की मौत हुई थी। देशभर में गौ-हत्या के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक को अपील जारी करनी पड़ी थी। पत्रकारवार्ता में विधायक धनेन्द्र साहू, रविन्द्र चौबे, अमितेश शुक्ला, मोहम्मद अकबर, छाया वर्मा, ज्ञानेश शर्मा मौजूद थे।

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