अमित ने मुख्यमंत्री को सौंपा सात सूत्रीय मांग पत्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण और अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की बैठक के दौरान प्रदेश के किसानों और मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए विधायक अमित जोगी, सियाराम कौशिक और आर.के. राय ने शुक्रवार को संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। सौंपे गए पत्र में तीनों विधायकों ने मुख्यमंत्री को लिखा है कि साल दर साल अकाल के कारण प्रदेश में बढ़ती लाचारी, भूखमरी, महंगाई और गरीबी से किसान त्रस्त हैं। प्रदेश में भीषण सूखे से उत्पन्न भयावह स्थिति से निपटने यह अत्यंत आवश्यक है कि राज्य सरकार तत्परता से ऐसे निर्णय ले जिनसे किसानों को तत्काल राहत मिल सके।
00 सात सूत्रीय मांगें इस प्रकार हैं :
00 राहत कार्य – प्रत्येक पंचायत से कम से कम 2 करोड़ रुपए की लागत के राहत कार्यों, जिसमें कम से कम 25 कूप निर्माण सम्मिलित हो, का प्रस्ताव बुलाकर, मनरेगा और मुख्यमंत्री समग्र विकास आदि योजनाओं के अंतर्गत 1 सितम्बर 2017 के पूर्व स्वीकृति प्रदान करें। साथ ही सम्पूर्ण प्रदेश में नगदी भुगतान व्यवस्था लागू की जाए।
00 जल संग्रहण – भारत सरकार की ओर से तैयार किए गए ड्राफ़्ट मॉडल वॉटर बिल को अध्यादेश के माध्यम से प्रदेश में लागू करें पानी का उपयोग पहले पेयजल के लिए, फिर सिंचाई के लिए और इसके बाद अन्य किसी उपयोग के लिए हो, इसका कड़ाई से पालन करवाने के लिए कानून पारित करें। महानदी में बने बैराजों का पानी किसानों को प्राथमिकता से दें। हसदेव नदी का पानी अरपा-भैंसाझार में लाने के लिए विस्तृत प्रस्ताव राज्य सरकार, भारत सरकार को राष्ट्रीय नदी जोड़ो अभियान में सम्मिलित करने के लिए भेजे। 2003-04 के द्वि-राज्यीय समझौता के अनुसार ज़ोरा नाला पर ओडि़सा सरकार से स्त्रक्चर निर्माण का कार्य पूर्ण करवाया जाए ताकि बस्तर के नागरिकों को इंद्रावती से पर्याप्त मात्रा में पानी मिले।
00 उचित समर्थन मूल्य – 2013 के घोषणा पत्र के वादे के अनुसार अपने पंच-वर्षीय कार्यकाल के प्रत्येक वर्ष के हिसाब से राज्य सरकार क्षेत्र के किसानों को धान का प्रति क्विंटल 300 रुपए बोनस और 2100 रुपए समर्थन मूल्य दे।
00 ऋण माफी – समस्त ऋणी कृषकों का ऋण माफ़ करे तथा उन्हें नि:शुल्क खाद और बीज प्रदान करें।
00 बीमा – फसल क्षति और अनावारी रिपोर्ट का सत्यापन ग्राम सभा में हो। न्यूनतम 50 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से किसानों को फ़सल नुक़सानी की मुआवज़ा राशि बीमा कम्पनियों की ओर से उनके खातों में जमा करवाएँ।
00 बिजली – अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा किसानों को 1 जनवरी 2018 तक नि:शुल्क बिजली उपलब्ध करायी जाए।
00 खाद्यान्न सुरक्षा – 2011 की सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण सूची को तत्काल लागू करके सभी गऱीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले हितग्राहियों को अन्त्योदय राशन कॉर्ड आबंटित किए जाए तथा उन्हें पुन: 35 किलो के हिसाब से चावल दिया जाए।
अपने पत्र में तीनों विधायकों ने प्रदेश के किसानों और मजदूरों का हित देखते हुए मुख्यमंत्री से तत्काल इन मांगों को मंजूर किये जाने की मांग की। साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि 1 महीने के अंदर माँगे पूरी न होने की दशा में प्रदेशव्यापी धरना, प्रदर्शन, मुख्यमंत्री निवास घेराव, सभी जिला कलेक्टोरेट घेराव सहित वृहद आंदोलन किया जाएगा।

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