मुख्यमंत्री ने दिए मस्तुरी नसबंदी कांड के जांच के आदेश

०० धमाका36 ने प्रमुखता से उठाया था यह मामला

०० स्वास्थ्य विभाग का अमला पंहुचा मस्तुरी, पीडितो का लिया जायजा  

बिलासपुर/मस्तुरी| मस्तुरी विकासखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदइन्तजामी एवं घोर लापरवाही के चलते स्वास्थ्य शिविर में नसबंदी कराने वाली 5 महिलाओ की हालत ख़राब होने की खबर को धमाका36 ने प्रमुखता से उठाया जिसके बाद मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने इस मामले के जांच के आदेश दिए है साथ इस चिकित्सा अधिकारीयो को तत्काल पीड़ित महिलाओं का इलाज करने के निर्देश दिए है|मुख्यमंत्री के आदेश के बाद जिला चिकित्सा अधिकारी दल-बल के साथ पीड़ित महिलाओ से मिले व उनके हालत की जानकारी ली|

गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मस्तूरी में नसबंदी के लिए 5 अगस्त को शिविर का आयोजन किया गया था इस दौरान मस्तूरी विकासखंड के अंतर्गत ग्राम लावरकोनी की 5 महिलाएं नसबंदी आपरेशन के लिए केन्द्र पहुंची थी। इन महिलाओं का नसबंदी आपरेशन महिला सर्जन द्वारा किया गया। इस शिविर में तीन बच्चे होने के बाद लावरकोनी की यशोदा बाई पति लक्ष्मी प्रसाद 27 वर्ष ने भी नसबंदी आपरेशन महिला सर्जन द्वारा कराई थी। आपरेशन के 10 दिन बाद से महिला के आपरेशन की जगह पर मावाद आने लगा, धीरे-धीरे उसकी हालत खराब होने लगी। महिला की गंभीर हालत देख परिजन उसे मस्तूरी सामुदायिक स्वस्थ्य केन्द्र में इलाज के लिए भर्ती किया है। विदित हो कि बिलासपुर में नसबंदी के दौरान बड़ी घटना हुई थी और 13 महिलाओं की जान गई थी। इसके मद्देनजर इस बार खास तौर से ऐहतियात बरती जा रही है।यही वजह है कि मामला सामने आने के बाद पीड़ित महिलाओँ को जिला अस्पताल लाया गया है। जहां उनकी देखरेख की जा रही है। यहां दाखिल की गई महिलाओँ की संख्या 5 है। जिनके नाम पुष्पा- पति हेमलाल, यशोदा -पति लक्ष्मी, गौरी विश्वकर्मा-पति सुरेश, रजनी मनहर पति ओमप्रकाश, और रुखकमती कैवर्त पति रीखी बताए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बोर्डे का कहना है कि किसी भी महिला की स्थिति गंभीर नहीं है और वे खुद उनकी देखभाल पर नजर रखे हुए हैं।

 

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