‘सखी’ वन स्टाप सेंटर में पीड़ित महिलाओं को अपनापन मिला : रमशीला साहू

रायपुर| महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू ने आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभाकक्ष में आयोजित वन स्टॉप सेंटरों के सेवा प्रदाताओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंन कहा कि ‘सखी’ वन स्टॉप सेंटर में पीड़ित महिलाएं अपनापन महसूस करती है। उन्होंने ‘सखी’ शब्द की व्याख्या करते हुए कहा कि सखी अर्थात् सहेली जिससे आत्मीयता हो, सखी वन स्टॉप सेंटरों में पीड़ित महिलाओं को अपनापन देने हेतु सेवा प्रदाताओं को भरसक प्रयत्न करना है। श्रीमती साहू ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि सभी जिलों में वन स्टॉप सेंटर खोलने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता जरूरी है।
महिलाओं के सम्मान, सुरक्षित जीवन, उन्हें सशक्त व आत्मनिर्भर करने से ही प्रदेश का विकास होगा। इस लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि सेवा प्रदाताओं के मन में पीड़ित महिलाओं के लिए कुछ करने की लगन हो। प्रदेश के विभिन्न स्थानों से रायपुर तक पहुंचने में पीड़ित महिलाओं को परेशानी होती थी, इसलिए राज्य के सभी जिलों में सखी वन स्टाप सेंटर हमारे विभाग द्वारा खोला गया है, ताकि पीड़ित महिलाएं सेंटरों में जाकर अपनी परेशानी को कह सके और उनका निराकरण हो सके। उन्होंने सेवा प्रदाताओं को आह्वान करते हुए कहा कि आप लोग अपनी ऊर्जा का प्रयोग बहनों के कल्याण के लिए कीजिए।
उल्लेखनीय है कि राज्य के 27  जिलों में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटरों के सेवा प्रदाताओं के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित किया जा रहा है। प्रथम सत्र 16 से 17 अगस्त को रायपुर, सुकमा, जशपुर, गरियाबंद, धमतरी, कोरबा, बिलासपुर, बस्तर, सूरजपुर, बलारामपुर, नारायणपुर, दुर्ग एवं बालोद सहित 13 जिलों के कुल 52 प्रतिभागी सम्मिलित हो रहे हैं।
प्रशिक्षण के दौरान सेवा प्रदाताओं को कार्य प्रारंभ से आज तक सेवा के दौरान आने वाली समस्याओं और उनके निराकरण के उपायों पर चर्चा की गई। सेवाओं को और कैसे बेहतर बनाया जाए, जिससे पीड़ित महिला यहां आकर अपने आपको सुरक्षित महसूस उस पर भी चर्चा की गई।
विभाग की अपर संचालक श्रीमती पदमिनी साहू ने बताया कि सखी वन स्टाप सेंटर के सेवा प्रदाताओं को पीड़ित महिलाओं की समस्या हल करने के लिए कौशल विकसित करने में प्रशिक्षण कार्यक्रम का महत्वपूर्ण योगदान होता है। सखी वन स्टाप सेंटर के सेवा प्रदाताओं को अधिक से अधिक प्रशिक्षण दिए जाने से सेंटर में आने वाली पीड़ित महिलाओं की समस्या के समाधान में सहायता मिलेगी। निपसिड के संयुक्त संचालक डॉ. के.सी. जार्ज  ने बताया कि भविष्य में नया रायपुर में निपसिंड का क्षेत्रीय प्रशिक्षण सेंटर खुल जाने से वर्ष में आठ ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाने की योजना बनाई जा रही है। हम हरएक सेंटरों की समस्याओं को समझकर उन्हें दूर करने का सुझाव दे रहे हैं। इस मौके पर निपसिड की उपसंचालक डॉ. मंजू एवं सदस्य श्री निलेश शिंदे सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

 

 

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