मुख्यमंत्री ने प्रदेश के मेहनतकश श्रमिकों को दी सौगात, मजदूरों को मिलेगा भरपेट भोजन

०० डॉ रमन ने की कई बड़ी घोषणाएं,शुरू होगी पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रम अन्न सहायता योजना

०० करीब साढ़े तीन लाख मजदूरों का होगा स्व-पंजीयन, प्रथम चरण में 50 करोड़ रुपए की लागत से 10 जिलों में चलेगी योजना

०० सम्मेलन में 8290 श्रमिकों को 5.51 करोड़ रुपए से अधिक लागत की सामग्री का वितरण

रायपुर| मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में प्रदेश के मेहनतकश मजदूरों के लिए अनेक बड़ी घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि शहरों में दैनिक मजदूरों को गर्मागर्म ताजा भोजन देने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रम अन्न सहायता योजना शुरू की जाएगी। प्रथम चरण में यह योजना प्रदेश के 10 जिलों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जांजगीर-चाम्पा, कवर्धा, कोरिया, जगदलपुर, राजनांदगांव, रायगढ़ और सरगुजा में संचालित होगी। इसके लिए 50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। सम्मेलन का आयोजन श्रम विभाग द्वारा डॉ. रमन सिंह की सरकार के पांच हजार दिन पूर्ण होने के उपलक्ष्य में किया गया। डॉ. रमन सिंह ने सम्मेलन के बाद श्रमिकों के साथ बैठकर  भोजन भी किया। उन्होंने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए यह भी ऐलान किया कि सिलिकोसिस पीड़ित श्रमिकों को इलाज के लिए तीन लाख रूपए की राशि दी जाएगी। मेडिकल इंजीनियरिंग और उच्च शिक्षा के लिए श्रमिकों के बच्चों की फीस राज्य सरकार देगी। प्रदेश के साढ़े तीन लाख श्रमिकों के के पंजीयन का नवीनीकरण स्वतः ही हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में आठ हजार 290 श्रमिकों को पांच करोड़ 51 लाख से अधिक लागत की सामग्री का वितरण किया। डॉ. सिंह ने हर वर्ष 30 हजार श्रमिक परिवारों के बच्चों को कौशल उन्नयन से जोड़ने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि श्रमिक परिवार की बेटी सिलाई सीखना चाहेंगी तो उसे सिलाई प्रशिक्षण के बाद सिलाई मशीन दी जाएगी। इसी तरह श्रमिकों के बेटों को उनके मनपंसद ट्रेडों में प्रशिक्षण के बाद स्वरोजागार के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा बैंक योजना के माध्यम से ऋण दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वर्णिम कार्यकाल में मजदूरों के लिए कानून में परिवर्तन कर उनकी न्यूनतम मजदूरी की दर बढ़ाई गई है। श्रमिक परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के जरिये रसोई गैस कनेक्शन का उपहार भी मात्र 200 रूपए के रजिस्ट्रेशन पर प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक 13 लाख महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। इस योजना में 35 लाख रसोई गैस कनेक्शन वितरित किए जाएंगे। वर्ष 2022 तक प्रदेश में सभी श्रमिकों और किसानों को पक्के मकान बनाकर दिए जाएंगे। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए भी श्रमिकों को सरकार द्वारा आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के मजदूरों को देश में सबसे बेहतर सुविधाएं मिले, उन्हें बेहतर प्रशिक्षण भी दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां संगठित क्षेत्र के साथ-साथ असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का भी पंजीयन किया गया है। संगठित क्षेत्र के लगभग 13 लाख 50 हजार और असंगठित क्षेत्र के लगभग 8 लाख मजदूरों का श्रम विभाग में पंजीयन कराकर उन्हें योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है, जब राज्य सरकार लगातार पांच हजार दिन पूरे कर रही है। यदि प्रदेश में तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला है तो इसमें बहुत बड़ा योगदान श्रमवीरों का भी है। भवन, सड़क अधोसंरचना निर्माण के अनेक कार्यों में पसीना बहाने वाले श्रमवीरों, गिट्टी तोड़ने वाले मजदूरों और रिक्शा चलाने वालों के राज्य के नव निर्माण में दिए गए योगदान  के कारण ही आज छत्तीसगढ़ का नाम गौरव के साथ लिया जाता है।  कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्री गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा। छत्तीसगढ़ आज चहंुमुखी विकास कर रहा है। प्रदेश के मजदूर और किसान खुशहाल है। श्रम मंत्री श्री भईयालाल राजवाड़े ने कहा कि श्रमिकों की जिंदगी संवारने के लिए राज्य सरकार ने बहुत से कदम उठाए हैं। श्रमिकों के लिए प्रदेश में 72 योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि 30 साल पहले वे छत्तीसगढ़ की चरचा कोयला खदान में मजदूरी करते थे। उन्होंने श्रम विभाग की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। श्रम विभाग के प्रमुख सचिव श्री आर.पी. मंडल ने बताया कि श्रमिक सम्मेलन में लगभग 10 हजार श्रमिकों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 27 जिलों में आने वाले समय में वृहद स्तर पर श्रमिक सम्मेलनों का आयोजन कर ज्यादा से ज्यादा संख्या में श्रमिकों को लाभान्वित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आज के श्रमिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री साइकिल सहायता योजना के तहत पांच हजार हितग्राहियों को साइकिल, 250 महिलाओं को सिलाई मशीन, 101 हितग्राहियों को ई-रिक्शा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत 50 हितग्राहियों को दो लाख रूपए के मान से एक करोड़ रूपए की बीमा राशि, राज माता कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 360 बेटियों को 20 हजार रूपए के मान से 72 लाख रूपए की राशि, नौनिहाल छात्रवृत्ति सहायता योजना के अंतर्गत दो हजार 307 विद्यार्थियों को 41 लाख 45 हजार 500 रूपए की छात्रवृत्ति सहित विश्वकर्मा दुर्घटना मृत्यु पर अनुग्रह सहायता योजना, मेधावी छात्र उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना, भगिनी प्रसूति सहायता योजना, स्मार्ट वेडिंग कार्ड सहायता योजना, ई-ठेला सहायता योजना, सिलिकोसिस पीड़ित श्रमिकों की सहायता योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना सहित श्रमिकों के कल्याण की अनेक योजनाओं का लाभ श्रमिकों को दिया जा रहा है। श्रमिक सम्मेलन में खाद्य मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले, कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्रममंत्री श्री भईयालाल राजवाडे़, लोक निर्माण मंत्री श्री राजेश मूणत,  महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, विधायक श्री श्रीचंद सुंदरानी और श्री अवधेश चंदेल, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री मोहन एंटी, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगशचंद्र शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री कमलचंद भंजदेव, नगर निगम रायपुर के पूर्व महापौर श्री सुनिल सोनी, मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, श्रमायुक्त श्री अविनाश चम्पावत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और हजारों की संख्या में श्रमिक उपस्थित थे।

 

 

error: Content is protected !!