मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद मिनी माता की पुण्य तिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद मिनी माता की पुण्य तिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी

रायपुर| मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल 11 अगस्त को महान समाज सुधारक और छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद मिनीमाता की पुण्य तिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। डॉ. सिंह ने आज यहां जारी अपने एक संदेश में कहा है कि मिनी माता ने छत्तीसगढ़ के किसानों, मजदूरों और समाज की अंतिम पंक्ति के लोगों की तरक्की और खुशहाली के लिए काम करते हुए उनके हितों की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। बालिका शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने छुआछूत, बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराईयों को दूर करने के लिए जन-जागरण में भी अहम भूमिका निभाई। डॉ. रमन सिंह ने कहा – राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण में उनके योगदान को यादगार बनाने के लिए मिनी माता सम्मान की स्थापना की है। डॉ. सिंह ने कहा – मिनीमाता जी ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद के रूप में इस अंचल में किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं के विकास पर काफी जोर दिया। हसदेव बांगो सिंचाई परियोजना को स्वीकृति दिलाने में उनकी सार्थक पहल को आज भी याद किया जाता है। उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय श्रीमती मिनीमाता का जन्म वर्ष 1913 में असम राज्य के नुआगांव जिले में हुआ था। उनकी स्कूली शिक्षा असम राज्य में हुई। उन्हें छत्तीसगढ़ी के साथ-साथ असमिया, बंगला, अंग्रेजी और हिन्दी भाषाओं का अच्छा ज्ञान था। उनके बचपन का नाम मीनाक्षी था। उन्होंने वर्ष 1952 से 1972 तक संसद में छत्तीसगढ़ के सारंगढ़, जांजगीर और महासमुंद लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। भोपाल से नई दिल्ली यात्रा के दौरान 11 अगस्त 1972 को पालम हवाई अड्डे के पास विमान दुर्घटना में उनका निधन हो गया।

 

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