सीआरपीएफ के जवानो ने रक्षाबंधन पर की शर्मनाक हरकत,जानकार हो जायेंगे हैरान

०० राखी बांधने वाली बहनों से ही जवानों ने की छेड़छाड, विरोध पर धमकाया भी
रायपुर/दंतेवाड़ा। जिले के कुआकोण्डा थाना क्षेत्र के पालनार गांव के आश्रम की छात्राएं नक्सलियों से उनकी रक्षा करने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जांबाज जवानों को हॉस्टल में बुलवा कर रखी बांधी। कार्यक्रम अभी चल ही रहा था कि बाथरूम गई हॉस्टल की ही दूसरी छात्राओं से सीआरपीएफ के जवानों ने जांच के नाम पर छेड़छाड़ शुरू कर दी। विरोध करने पर धमकी भी दी। सहमी बालिकाओं ने इसकी शिकायत हॉस्टल की वार्डन द्रौपदी सिन्हा को दी। उन्होंने इसकी सूचना कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से की। डीआईजी सुंदरराज पी ने कहा कि ये मामला बेहद गंभीर है। इसकी कड़ाई से जांच की जा रही है। आज हमने कुछ छात्राओं की जांच करवाया है। कुछ छात्राएं अवकाश पर घर गई हैं उनके आने का इंतजार कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद इस मामले पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में सवाल तो यही उठता है कि अगर इन जवानों के ऐसे ही हालात रहे तो क्या किसी भी स्कूल की छात्रा उनको अपना भाई बनाना चाहेगी?
मंगलवार को ये जानकारी दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक कमलोचन कश्यप ने दी उन्होंने बताया कि पिछले दिनों ये वारदात जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर पालनार में एक हॉस्टल में हुई। यहां करीब 500 आदिवासी लड़कियां रहकर पढ़ाई करती हैं। यहां 31 जुलाई को यहां रक्षाबंधन का एक कार्यक्रम रखा गया था, जिसके तहत नक्सलवादियों के खिलाफ जंगल में अपनी जान की बाजी लगाने वाले सीआरपीएफ के जवानों को लड़कियों ने राखी बांधकर उनके लंबे और सुखी जीवन की कामना की। इस कार्यक्रम के लिए कार्यक्रम में करीब 90 सीआरपीएफ के जवानों को बुलाया गया था। कार्यक्रम के बाद ये बात सामने आई कि कुछ जवान लड़कियों के टॉयलेट की ओर चले गए थे। छात्राओं ने उन्हें वहां से जाने को कहा तो वे उन्हें उल्टा धमकाने लगे और तलाशी लेने के नाम पर उनके साथ अश्लील हरकतें भी कीं। वार्डेन की शिकायत पर कुओकोंडा थाने में आईपीसी 354 के तहत एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। पीडि़त छात्राओं से बात करने के बाद इस केस में सीआरपीसी की धारा 164 भी जोड़ा जा सकता है। यह मामला तब प्रकाश में आया, जब सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु ने अपने फेसबुक पोस्ट में रविवार को छेड़छाड़ की घटना का जिक्र किया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि 31 जुलाई को हॉस्टल में एक निजी टीवी चैनल द्वारा रक्षाबंधन पर एक कार्यक्रम रखा गया था, जिसमें छात्राओं द्वारा सीआरपीएफ कर्मियों को राखी बांधा जाना था। जब यह कार्यक्रम संपन्न हो गया और कुछ लड़कियां बाथरूम गईं तब वहीं सीआरपीएफ के जवानों ने उनके साथ छेड़छाड़ की। उन्होंने बताया कि तलाशी के नाम पर सीआरपीएफ कर्मियों ने लड़की से छेड़छाड़ की। इसकी शिकायत वार्डेन ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से की लेकिन कुछ कार्रवाई नहीं हुई। ये कोई नई बात नहीं है नक्सल प्रभावित इलाकों में पहले भी सुरक्षा बलों पर मानवाधिकारों का हनन करने और महिलाओं से बलात्कार करने की खबरें आती रही हैं।

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