मितानिनों ने धरनास्थल पर बांधी भाइयों को राखी,धरना स्थगित

रायपुर। धरना स्थल पर बेमुद्दत हड़ताल में बैठी मितानिन बहनों ने सोमवार को धरना स्थल पर ही रक्षा बंधन मनाया। राखी बंधवाने भाई धरना स्थल ही पहुंच थे। किसी के भाई नहीं आ सके तो मितानिन बहनों ने एक-दूसरे के भाइयों के कलाई पर राखी सजाई।
आरती वर्मा, एरिया कार्डिनेटर रायपुर ने बताया कि, मितानिन बहनों ने अपने-अपने भाइयों को धरना स्थल पर आने कहा था, 100 मितानिन बहनों के भाई पहुंचे थे। यहीं पर ही रक्षाबंधन का त्योहार मनाया गया। वहीं लगभग 100 के करीब बहनों के भाई नहीं पहुंच सके। इस पर हमने एक-दूसरे के भाइयों के कलाई में राखी बांधी। कई मितानिन बहने रक्षाबंधन का त्यौहार नहीं मना सकी। मितानिन शाम तक धरना स्थल पर ही डटी रहीं। शाम को मुहुर्त नहीं होने के कारण अब अगले वर्ष के रक्षाबंधन पर्व की प्रतिक्षा रहेगी। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के भी धरना स्थल पहुंचने की सूचना भी मिली थी, वे मितानिन बहनों से राखी बंधवाने आने वाले थे, लेकिन नहीं पहुंचे। इस तरह मितानिन बहने भाइयों का इंतजार करते रही और जिनके भाई पहुंचे उन्हें ही राखी बांधी गई। आरती वर्मा, अन्नपूर्णा साहू ने संयुक्त रूप से बताया कि, देर से मगर खुशियां मिली। दोपहर बाद प्रदेश के पदाधिकारियों ने फोन कर बताया कि, मितानिनों की पहली मांग मान ली गई है। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य संचालन आर.प्रसन्ना के साथ प्रदेश के पदाधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में मितानिनों की पहली मांग प्रोत्साहन राशि का पैसा पूरा मिलने की बात मानी गई। मौखिक आश्वासन दिया गया है कि,1 माह में मांग पूरी कर दी जाएगी। वहीं राज्य सरकार के मिलने वाले 50 प्रतिशत अंशदान में भेदभाव किये जाने की मांग को पूरा करने शीतकालीन सत्र तक का समय मितानिन संघ से मांगा गया है।
नहीं पूरा हुआ आश्वासन तो करेंगे उग्र प्रदर्शन :  मितानिन संघ ने धरना सोमवार शाम को जरूर स्थगित कर दिया लेकिन उन्होंने कहा कि, मौखिक आश्वासन मानकर हम दिए गए समय तक ही शांत बैठेंगे। शहरी मितानिन संघ अध्यक्ष सविता साहू ने कहा कि, यदि तय समय तक आश्वासन पूरा नहीं होता तो सड़क पर उतर कर मांगों की लड़ाई लड़ेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। 
क्या है मितानिनों की मांगे : राज्य सरकार के मिलने वाले 50 प्रतिशत अंशदान में भेदभाव नहीं किया जाये। मितानिनों से दुव्र्यवहार होने पर सामने वाले के विरूद्ध कार्रवाई की मांग। प्रतिमाह दावा प्रपत्र की राशि की मांग। मितानिन प्रशिक्षक और एरिया कार्डिनेटर को 50 फीसदी अनुदान की मांग। प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की मांग और प्रोत्साहन राशि समय पर प्रदाय करने की मांगें प्रमुख है।

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