अमाली ग्राम पंचायत के ग्रामीणों को पांच माह से नही मिला पेंशन

०० वृद्धा पेंशन निराश्रित पेंशन और विकलांग पेंशन नहीं मिलने से ग्रामीणों का जीना हुआ मुहाल

०० जनपद से जारी पेंशन की राशि मगर सरपंच सचिव द्वारा नहीं दिया जा रहा पेंशन


संजय बंजारे 
कोटा|समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली वृद्धा पेंशन निराश्रित पेंशन और विकलांग पेंशन समय से जनपद पंचायत पंचायतों को देने के बाद भी ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिव द्वारा पेंशन की राशि का या तो गबन कर लिया जाता है या फिर पेंशन की राशि को दूसरे मद में डाल दिया जाता है  कोटा विकासखंड के ग्राम पंचायत आमाली जो कि पहले से ही प्रधानमंत्री आवास शौचालय व मूलभूत राशियों में भ्रष्टाचार के लिए पूर्व में अखबारों के हेड लाइन के साथ मीडिया में भी काफी चर्चित रहा था अमाली पंचायत के सरपंच व सचिव के कारनामों मे  एक और नया नाम जुड़ गया है समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली समस्त पेंशन राशि के आहरण का!
कोटा जनपद से 7 किलोमीटर दूर अमाली ग्राम पंचायत के पेंशनधारी जिसमें कि 60 साल की वृद्ध महिलाओं के साथ विकलांग युवक भी शामिल थे जिन्हें पेंशन की राशि ग्राम पंचायत में ही मिल जानी चाहिए थी वह आज 7 किलोमीटर का रास्ता पैदल चलकर जनपद पंचायत पहुंचे अपनी शिकायत लेकर शासन द्वारा सचिव को पंचायतों में ही मिलने वाली हितग्राहियों को सुविधा व राशी समय से मिल जाए इसके लिए शासन के प्रतिनिधि के रूप में अधिकृत करती है पर अमाली के सचिव को अमाली पंचायतों के ग्रामीणों ने महीनों से नहीं देखा है जिसे जनता ने अपना प्रतिनिधि बनाया वह सरपंच भी उन्हें अनदेखा कर रहा है पूर्व में भी अमाली पंचायतों में पीएम आवास शौचालय सहित शासकीय राशि में भ्रष्टाचार व राशी के गबन का मामला अभी जांच की प्रक्रिया में है उसके बावजूद भी पेंशनधारियों की राशि का गबन का मामला लगता है कि सरपंच सचिव को शासन का भय नहीं है जनपद पंचायत के सीईओ सहित जिला में बैठे प्रशासनिक अधिकारियों को भी इस ग्राम पंचायत अमाली में हो रही अनियमितता भ्रष्टाचार की शिकायतों से अवगत हैं उसके बावजूद भी सरपंच सचिव पर कार्यवाही ना कर मौन रहना मिली भगत को दर्शाता है फिलहाल ग्राम पंचायत अमाली के वृद्ध, विकलांग, विधवा, पेंसन धारी हितग्राही पिछले पांच महीने से पेंसन की राशि नही मिलने का आवेदन एसडीएम कोटा व जनपद सीईओ के नाम प्रेसित कर कार्यालय में विभागीय कर्मचारियों को दिया गया है। एसडीएम कोटा टीएल की बैठक में बिलासपुर में होने के कारण व जनपद सीईओ छूट्टी में होने के कारण कार्यालय के कर्मचारियों को सौप कर आश्वस्त हो कर वापस अपने गांव लौट गए। समाज कल्याण विभाग जनपद के कर्मचारी का कहना था कि मार्च, अप्रेल, मई की पेंसन की राशि कुछ दिनों पूर्व ही ग्राम पंचायत अमाली को जारी कर दी गयी थी उसके बाद भी ग्राम के सरपंच सचिव द्वारा हिग्रहियों को पेंसन की राशि ना देना जाँच का विषय है।

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