हाईकोर्ट ने झूठी एफआईआर दर्ज करने के मामले में बिलासपुर पुलिस से चार सप्ताह में माँगा जवाब

०० जिला पुलिस व एफआईआर दर्ज कराने वाले व्यक्ति से माँगा जवाब

बिलासपुर। झूठी एफआईआर दर्ज करने के मामले में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ शासन, बिलासपुर पुलिस और एफआईआर दर्ज कराने वाले व्यक्ति से चार सप्ताह में जवाब माँगा है। साथ ही याचिकाकर्ता के कार्य को बाधित ना करने देने की याचिका को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने स्टे आर्डर दे दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शैलेन्द्र पाठक नामक शख्स की शिकायत पर बिलासपुर के तारबहार पुलिस थाने में 6 जून को  वेब पोर्टल  http://saharasamaynews.in/  के संचालको के विरुद्ध एक एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में कॉपीराइट एक्ट के उल्लंघन सहित अन्य अनेक धाराएं लगाई गयी थीं। उक्त एफ आई आर के विरुद्ध http://saharasamaynews.in/ के संचालको में से एक श्रीमती सी सेनगुप्ता ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में एडवोकेट हेमंत गुप्ता के माध्यम से अपील की थी जिसमे मामले को विद्वेषपूर्ण नियत से किया बताते हुए एफआईआर को झूठा बताया गया था। मामले को गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने बिलासपुर पुलिस, और एफआईआर दर्ज कराने वाले शैलेन्द्र पाठक नामक शख्स को अपना जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। इस बीच माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने स्टे आर्डर दे दिया है, जिससे http://saharasamaynews.in के सुचारु सञ्चालन में कोई बाधा उत्पन्न ना हो।

 

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