जंगल सफारी दिलाएगी छत्तीसगढ़ को अंतर्राष्ट्रीय पहचान : डॉ रमन    

रायपुर। नया रायपुर की जंगल सफारी छत्तीसगढ़ को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगी। जंगल सफारी का निरंतर विकास किया जा रहा है। हाल ही में यहां टायगरों की संख्या में वृद्धि हुई है, जो एक अच्छा संकेत है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जंगल सफारी भ्रमण के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित प्रदेश सरकार के मंत्रियों और विधायकों के साथ शुक्रवार को नया रायपुर स्थित जंगल सफारी का भ्रमण किया।
मुख्यमंत्री ने जंगल सफारी की हरबीबोर सफारी, जामवंत (बियर) सफारी, टायगर सफारी, लायन सफारी और क्रोकोडायल सफारी का भ्रमण किया। जंगल सफारी लगभग 1200 एकड़ के रकबे में विकसित की जा रही है, जिसमें 400 एकड़ में बॉटनिकल गार्डन तैयार किया जा रहा है। जंगल सफारी के 130 एकड़ के खड़वा जलाशय में आने वाले समय में बोटिंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी। यहां 125 एकड़ के रकबे में चिडिय़ा घर बनाया जाएगा, जिसमें मछली घर और स्नेक पार्क भी होंगे। जामवंत सफारी 20 हेक्टेयर में विकसित की गई है, जिसमें पांच भालू हैं। लगभग 30 हेक्टेयर में विकसित की गई हरबीबोर सफारी में नील गाय, सांभर, काला हिरण, मृग, चीतल और कोटरी आकर्षण का केन्द्र है। लगभग 20 हेक्टेयर में विकसित टायगर सफारी में बादशाह, चित्रा, शिवाजी और किशोरी तथा उनके तीन बच्चे हैं। विशेष वाहन से सफारी के भ्रमण के दौरान टायगर, लायन, नील गाय, चीतल, काला हिरण और मगरमच्छ को काफी नजदीक से देखने का मौका मिला।जंगल सफारी के भ्रमण के दौरान कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, गृह मंत्री रामसेवक पैकरा, खाद्य मंत्री पुन्नू लाल मोहले, आदिवासी विकास मंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशीला साहू, छत्तीसगढ़ राज्य वनौषधि बोर्ड के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरम लाल कौशिक सहित अनेक मंत्री, संसदीय सचिव और विधायक उपस्थित थे।

error: Content is protected !!