विधानसभा हुई बंद, विधायक अमित जोगी, सियाराम कौशिक और आरके राय अभी भी अंदर

०० विधायको ने कहा तब तक बाहर नहीं आयेंगे जब तक पनामा पर चर्चा के लिए विशेष सत्र नहीं बुलाया जाता

००  विधानसभा के अंदर से ही विधायकों ने राज्यपाल को सादे पेपर पर हाथ से लिख कर भेजा पत्र।

 रायपुर|विधायक अमित जोगी, सियाराम कौशिक और आर के राय ने विधानसभा के गर्भगृह से संयुक्त बयान जारी कर कहा कि वो तब तक बाहर नहीं आयेंगे जब तक पनामा पर चर्चा के लिए विशेष सत्र नहीं बुलाया जाता। तीनों विधायकों ने अपनी मांग को विधानसभा के अंदर से ही एक सादे पेपर पर हाथ से लिखा पत्र। विधायकों ने  03 अगस्त को छत्तीसगढ़ के इतिहास में काला दिन निरुपित करते हुए कहा कि सदन के नेता मुख्यमंत्री से सम्बंधित पनामा और अगस्ता घोटाले पर चर्चा से बचने और भागने के लिए मानसून सत्र का सत्रावासन कर दिया गया जो लोकतंत्र की हत्या है।

कल ही पूर्व मुख्यमंत्री एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अजीत जोगी ने दिल्ली में प्रेसवार्ता लेकर पनामा मामले में मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और उनके सांसद पुत्र के विरुद्ध पनामा मामले में नए खुलासे किये थे। इन खुलासों पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में चर्चा किये जाने से डरकर, सरकार ने ग्यारह दिवसीय सत्र को ढाई दिन में ही सत्रावासन कर दिया। केवल इसलिए कि पनामा लीक और अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले पर तीनों विधायकों ने सदन में आज स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराये जाने की मांग की थी। लेकिन शोर शराबे के बीच विधानसभा के मानसून सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। इस निर्णय के विरोध में विधानसभा के अंदर धरने पर बैठे तीनों विधायकों ने कहा कि विधानसभा का सत्र जनता का सत्र होता है जहाँ जनता सरकार से सवाल पूछती है और अपने जन प्रतिनिधियों के माध्यम से जवाब मांगती है। लेकिन रमन सरकार ने जनता के सवालों से बचने के लिए लगातार एक सुनियोजित ढंग से सत्र की अवधि कम करने का काम किया है। जो की असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है। पनामा मामले में एक देश के प्रधानमंत्री को पद त्यागना पड़ा जबकि भारी पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है जिसका पैसा विदेशी खातों में जमा किया गया है। विधायकों ने कहा कि छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता उनके साथ है क्योंकि भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह लड़ाई जनता के अधिकार और भविष्य के लिए है। पिछले पंद्रह वर्षों से मुख्यमंत्री और उनका पूरा मंत्रिमंडल छत्तीसगढ़ को लूटने में लगा है, उसी का सच पनामा लीक्स के माध्यम से जनता के सामने आया है। छत्तीसगढ़ की जनता अब चुप नहीं बैठेगी। भ्रष्ट सरकार को उखाड़ के ही दम लेगी।

error: Content is protected !!