पर्यावरण संरक्षण के लिए दवे ने किया जीवन समर्पित : रमन     

रायपुर। अनिल माधव दवे ने केन्द्रीय पर्यावरण संसाधन मंत्री रहते हुए अपना जीवन पर्यावरण के संरक्षण और रक्षा के लिए समर्पित किया। 2016 में उज्जैन में हुए सिंहस्थ कुंभ के आयोजन में उनका प्रमुख योगदान रहा। वे कुशल पायलेट भी थे। उक्त बातें मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने मंगलवार को स्व. दवे को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विधानसभा में कही। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र मंगलवार को शुरू हुआ। विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने सदन में निधन का उल्लेख किया। सर्वप्रथम सदन में दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी गई।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस कड़ी में अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व सदस्य स्व. जितेन्द्र विजय बहादुर सिंह को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि, स्व. सिंह ने छत्तीसगढ़ में भटगांव विधानसभा का कुशल प्रतिनिधित्व किया। निर्दलीय होकर भी चुनाव जीतने की उनमें कुशल क्षमता थी। डॉ. सिंह ने अमरनाथ यात्रा के दौरान अनंतनाग में गुजरात के एक यात्री बस में हुए आंतकवादी हमले के दौरान मारे गए यात्रियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि, देश में सर्वधर्म सद्भाव और अनेकता में एकता की भावना है। देशभर से लोग अमरनाथ यात्रा में शामिल होते हैं। आतंकवाद और नक्सलवाद दोनों ही देश में ज्वलंत समस्याएं है, ये समाप्त होनी ही चाहिए। हिंसा समाप्त होनी ही चाहिए, चाहे बाहरी हो या आंतरिक। उन्होंने बुरकापाल हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए वीर बहादुर जवानों को नमन किया। उन्होंने कहा कि,नक्सलियों के मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे। नेता प्रतिपक्ष टी.एस.सिंहदेव ने भी उक्त सभी दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने स्व. जितेन्द्र बहादुर सिंह के बारे में कहा कि, जिस समय लोग कांग्रेस पार्टी के निशान से ही जीत जाते थे, उस समय निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर स्व. सिंह ने अपनी प्रतिभा दिखाई और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में विजय हुए। दिवंगतों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही आगे शुरू हुई।

 

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