यदि अभिषेक का खाता नहीं तो बताएं कि अभिषेक सिंह कौन हैं : भूपेश बघेल

०० रमन सिंह और अभिषेक सिंह ने क्यों नहीं करवाई रिपोर्ट और जांच क्यों नहीं करवाई

०० अगुस्टा घोटाले का कालाधन जमा करने के लिए खुला था ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड का खाता

बिलासपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि यदि अभिषेक सिंह कहते हैं कि उनका विदेश में न खाता है और न निवेश तो वे ही बताएं कि अभिषाक सिंह कौन हैं जिसने रमन सिंह के पते पर खाता खोला उन्होंने कहा कि यदि अभिषाक सिंह ही अभिषेक सिंह नहीं हैं तो क्यों रमन सिंह या अभिषेक सिंह ने खाता खोलने वाले व्यक्ति के ख़िलाफ़ रिपोर्ट नहीं लिखवाई और जांच नहीं करवाईण्

बिलासपुर के छत्तीसगढ़ भवन में एक पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि अगुस्टा हेलिकॉप्टर ख़रीदी में भारी अनियमितता हुई| हेलिकॉप्टर जितनी कीमत में खरीदा जाना था उससे कहीं अधिक कीमत में खरीदी हुई मोटे तौर पर कहें तो डेढ़ मिलियन डॉलर अधिक में यानी करीब नौ करोड़ रुपए का घोटाला हुआ|बघेल ने कहा कि यह सिर्फ़ संयोग नहीं है कि दिसंबर 2007 में अगुस्टा हेलिकॉप्टर डील का भुगतान पूरा हुआ और जनवरी 2008 में कोलकाता में क्वेस्ट हाइट्स लिमिटेड इंडिया के नाम से एक कंपनी बनी जुलाई 2008 में क्वेस्ट हाइट्स लिमिटेड के नाम से ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड;बीवीआई में एक कंपनी बनी ण्ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड को दुनिया में टैक्स चोरी के स्वर्ग के रूप में जाना जाता है|उन्होंने कहा कि खोजी पत्रकारों की एक अंतरराष्ट्रीय संस्था आईसीआईजे ने जो कागज़ जारी किए उसके अनुसार ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में क्वेस्ट हाइट्स में अभिषेकसिंह एक डायरेक्टर है और उनका पता रमन मेडिकल स्टोर्स वार्ड नंबर 20 विंद्यवासिनी वार्ड कवर्धा है जो कि चुनाव नामांकन पत्र में रमन सिंह जी का स्थाई पता दर्ज है उन्होंने पूछा कि क्या यह सिर्फ़ संयोग है| कि शार्प ओशन नाम की कंपनी ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड की ही कंपनी है जिस से रमन सिंह सरकार ने सौदा किया ण्कहने के लिए शार्प ओशन की एक ब्रांच हांगकांग में है जहां रमन सिंह के अधिकरी सौदा करने गए थे उन्होंने कहा कि क्यों क्वेस्ट हाइट्स नाम की कंपनी तब खुली जब अगुस्टा हेलिकॉप्टर की डील पूरी हो गई क्यों इसी नाम से कंपनी का खाता ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में खुला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस कंपनी में डायरेक्टर का नाम अभिषेक सिंह है और उसने अपना पता वही लिखवाया जो रमन सिंह का पता है तो ये अभिषेक सिंह और अभिषेक सिंह क्या एक ही व्यक्ति नहीं हैं जैसा कि अभिषेक सिंह ने कहा है कि उनका विदेश में कोई खाता नहीं है और न निवेश है तो वे ही बताएं कि ये अभिषाक सिंह कौन है अभिषेक सिंह और रमन सिंह बताएं कि अगर किसी ने उनके पते का दुरुपयोग किया तो उन्होंने इस पर क्या कार्रवाई की क्या एफ़आईआर हुई या फिर किसी जांच एजेंसी से जांच के लिए कहा गया? उन्होंने कहा कि किसी के पते पर अगर स्थानीय बैंक में खाता खोल ले तो वह पुलिस से शिकायत करेंगे लेकिन मुख्यमंत्री के पते पर कालाधन के स्वर्ग में खाता खुल गया और कोई शिकायत भी नहीं हुई क्यों? उन्होंने चुनौती दी कि अभिषेक सिंह ये साबित करें कि वे कभी हांगकांग और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड नहीं गए क्या वे जनवरी और जुलाई 2008 के बीच भारत में ही थे और किसी विदेश यात्रा पर नहीं गए थे| बघेल ने कहा कि इससे बड़ा सवाल यह है जो हमारे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष माननीय राहुलगांधी जी ने भी पूछा है कि अगर पाकिस्तान में पनामा पेपर्स में नाम आने भर से प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को हटाया जा सकता है तो भारत में एक मुख्यमंत्री और उनके बेटे को भाजपा क्यों नहीं हटा सकती कहते हैं कि पाकिस्तान में तो कानून व्यवस्था है ही नहीं लेकिन भारत में तो कानून व्यवस्था है तब भी हम पाकिस्तान जितनी हिम्मत या ईमानदारी नहीं दिखा रहे हैं क्यों घ्प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी जी कहते रहे हैं कि ना खाउंगा और न खाने दूंगा लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद वे रमन सिंह के ख़िलाफ़ न नान घोटाले में कार्रवाई करते हैं और न विदेशी खाते के बारे में कुछ पूछते हैं|श्री बघेल ने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी सच में ईमानदार हैं तो पहले रमन सिंह और अभिषेक सिंहका इस्तीफ़ा लें और इस मामले की जांच करवाएं ण्वरना हमारे नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगा ही चुके हैं और वहां तो दूध का दूध पानी का पानी हो ही जाना है

अगुस्टा हेलिकॉप्टर की ख़रीदी में कई घोटाले हैं: डॉक्टर अजीत डेग्वेकर

पत्रकारवार्ता में श्री बघेल के साथ मौजूद डॉक्टर अजीत डेग्वेकर ने अगुस्टा हेलिकॉप्टर ख़रीदी को बड़ा घोटाला करार देते हुए कहा कि हेलिकॉप्टर की ख़रीदी के लिए टेंडर से लेकर भुगतान तक हर स्तर पर गड़बड़ी की गई| सूचना के अधिकार के तहत हासिल दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने बताया कि कैसे सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया से अगुस्टा ख़रीदी रद्द हुई और सौदा करने का अधिकार शार्प ओशन कंपनी को दे दिया गयाण् जबकि शार्प ओशन कंपनी के पास हेलिकॉप्टर के सौदे का कोई अधिकार नहीं था| उन्होंने बताया कि कैसे अगुस्टा हेलिकॉप्टर की कीमत पहले 5ण्24 मिलियन डॉलर थी जो बाद में छत्तीसगढ़ सरकार को 6ण्42 मिलियन डॉलर हो गई और बाद में 6ण्57 मिलियन डॉलर हो गईण् डॉ डेग्वेकर ने कहा कि जो ग्लोबल टेंडर हुआ वह भी अजीबो ग़रीब था जिसमें एक ख़ास कंपनी के एक ख़ास हेलिकॉप्टर की ख़रीदी की बात कही गईण् उन्होंने कहा कि इस पर सरकार के एक अधिकारी ने आपत्ति भी की थी|डॉ डेग्वेकर ने कहा कि भुगतान की शर्तों में भी मनमानी ढंग से परिवर्तन किया गयाण् उनका कहना था कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि घोटाले की राशि को अपने पसंद के खातों में भेजा जा सके,उन्होंने कहा कि दिसंबर 2007 में छत्तीसगढ़ सरकार को हेलिकॉप्टर दे दिया गयाण् और जनवरीए 2008 में क्वेस्ट हाइट्स के नाम से एक कंपनी कोलकाता में खोली गईण् जुलाईए 2008 में इसी क्वेस्ट कंपनी के नाम से एक कंपनी ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में खुली जिसमें अभिषाक सिंह डायरेक्टर थेण् उन्होंने कहा कि अभिषाक सिंह और कोई नहीं बल्कि मुख्यमंत्री के सांसद पुत्र अभिषेक सिंह ही हैंण्उन्होंने कहा कि संदेहास्पद तथ्य यह भी है कि यह डील पूरी होने के बाद शार्प ओशन कंपनी ने हांगकांग से अपना कारोबार समेट कर कंपनी बंद कर दी|

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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