मुख्यमंत्री के कथनी-करनी में है अंतर, कोटा में काटे जा रहे है हरे भरे वृक्ष : शैलेष पाण्डेय     

०० मामला एनजीटी में लंबित है, शासन को नोटिस के बाद भी पेड़ काटना गैर कानूनी: शैलेष पाण्डेय

०० सड़क चौड़ीकरण के नाम पर कोटा में 1300 हरेभरे वृक्षों की दी जा रही बलि

बिलासपुर| एक ओर जहा एनजीटी के सम्मेलन भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर भाषण दे रहे थे वही दूसरी ओर सड़क चौड़ीकरण के नाम पर कोटा रोड में पेड़ों की बलि चढऩी शुरू हो गई है।वन विभाग के अधिकारियो का कहना है पहले 4 हजार पेड़ों की मार्किंग की गई सड़क की चौड़ाई कम की गई है तब भी लगभग 1300 पेड़ जद में आ रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग ने जिला प्रशासन से सकरी से कोटा तक 4 हजार पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी थी।

जिसे जिला प्रशासन से स्वीकृति दे दी थी। लोक निर्माण विभाग द्वारा पेड़ की कटाई,ढुलाई सहित अन्य कार्य के लिए 32 लाख रुपए वन विभाग में जमा किया। इसके बाद कांग्रेस नेता व सीवीआरयू के तत्कालीन कुलसचिव शैलेष पांडेय और समाजसेवियों ने जमकर विरोध किया। पेड़ों को बचाने के लिए सड़क का घेराव से लेकर मानव श्रृंखला तक बनाई गई थी जिसके बाद लोक निर्माण विभाग ने अपना प्लान बदल दिया था मगर आज पुनः पेड़ो की कटाई शुरू कर दिया गया|

कोटा रोड में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पेड़ कटाई का आदित्यवाहनी के अध्यक्ष,शिक्षाविद, कांग्रेस नेता शैलेष पांडेय ने विरोध करते हुए कहा कि मामला एनजीटी में लंबित है, शासन को नोटिस भी दिया जा चुका है, उसके बाद भी पेड़ काटना गैर कानूनी है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री रमन सिंह द्वारा भोपाल में एनजीटी के सम्मेलन में दिए गए भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कथनी-करनी में अंतर है।मुख्यमंत्री डॉ रमन ने सम्मेलन में कहा है कि पेड़ लगाना और उनकी देखभाल करना यज्ञ के समान है। उन्होंने पेड़ कटाई रोकने के लिए कड़े कानून की जरूरत भी बताई है और पर्यावरण नियमों का भी पालन करने की बात कही है। लेकिन बिलासपुर शहर, कोटा सहित कई जगहों पर लगातार हो रही पेड़ कटाई रोकने के लिए वे कोई प्रयास नहीं कर रहे। उन्हें पेड़ कटने से रोकने के लिए सामने आना चाहिए। कोटा रोड में पेड़ों की कटाई के संबंध में वन विभाग के अधिकारियो का कहना है पहले 4 हजार पेड़ों की मार्किंग की गई सड़क की चौड़ाई कम की गई है तब भी लगभग 1300 पेड़ जद में आ रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग ने जिला प्रशासन से सकरी से कोटा तक 4 हजार पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी थी।जिसे जिला प्रशासन से स्वीकृति दे दी थी। लोक निर्माण विभाग द्वारा पेड़ की कटाई,ढुलाई सहित अन्य कार्य के लिए 32 लाख रुपए वन विभाग में जमा किया। 16 मीटर चौड़ी सड़क के स्थान पर अब 12 मीटर किया गया जा रहा है। वन विभाग के रंेजर केडी घृतेश ने बताया इससे लगभग 1300 ही पेड़ कटेंगे, जिसकी मार्र्किंग की जा रही है। आदित्य वाहिनी के प्रदेशाध्यक्ष व कांग्रेस नेता पांडेय ने कहा कि कोटा मुख्य मार्ग में हरेभरे पेड़ों की कटाई एनजीटी के आदेशों को ठेंगा दिखाना साबित हो रहा है। यह कोर्ट के आदेश की अवहेलना है। कोटा के हरभरे पेड़ों को बचाने आखिरी दम तक लड़ाई लड़ी जाएगी।

सर्किट बेंच की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के भोपाल में चल रहे सेंट्रल जोन के क्षेत्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट प्रैक्टिसिंग बार एसोसिएशन ने बिलासपुर में सर्किट बेंच की स्थापना के लिए एनजीटी के चेयरमैन स्वतंत्र कुमार एवं मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को ज्ञापन सौंपा गया है। एनजीटी सेंट्रल जोन के क्षेत्रीय सम्मेलन में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं राजस्थान के सीएम भाग ले रहे हैं। क्षेत्रीय सम्मेलन 29 एवं 30 जुलाई को भोपाल में आयोजित की गई है, जिसमें पर्यावरण मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। इसमें एमपी के सीएम शिवराज सिंह, डॉ. रमन सिंह एवं राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस हेमंत गुप्ता, एनजीटी के अध्यक्ष स्वतंत्र कुमार शामिल हो रहे हैं।उक्त सम्मेलन में भाग लेने के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट प्रैक्टिसिंग बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप दुबे, उपाध्यक्ष आर के केशरवानी, सलीम काजी, भाष्कर प्यासी, संजय अग्रवाल एवं आनंद मोहन तिवारी भी भाग लेने के लिए गए हुए हैं। प्रतिनिधिमंडल में शामिल अधिवक्ता सलीम काजी ने बताया कि ज्ञापन पर सीएम एवं चेयरमैन द्वारा सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। आश्वस्त किया है कि शीघ्र ही बिलासपुर में सर्किट बेंच की स्थापना के संदर्भ में निर्णय लिया जाएगा।

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