रमन सरकार होटलों को शराब पिलाने की छूट देने बदलेगी कानून,कांग्रेस ने किया विरोध

रायपुर| राजधानी के तीन बड़े होटल समूहों को शराब पिलाने की छूट देने के लिए सरकार कानून बदलने को तैयार है। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में आबकारी विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। एक अगस्त से शुरू हो रहे मॉनसून सत्र में सरकार आबकारी कानून में संशोधन के लिए विधेयक लाएगी वही ने होटलों को छूट देने के फैसले का विरोध किया है।

बताया जा रहा, कानून बदल जाने के बाद राजधानी के होटल हयात, होटल सयाजी और होटल कोर्टयार्ड मैरिअट अपने मेहमानों को शराब परोस पाएंगे। ये तीनों होटल ग्रेट ईस्टर्न रोड अथवा राष्ट्रीय राजमार्ग-6 के 200 मीटर के दायरे में हैं। पिछले वर्ष सर्वोच्च न्यायालय ने राजमार्गों से 500 मीटर के दायरे में शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था। उसके बाद से ही इन होटलों में बार बंद हैं।बताया जा रहा है, राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। तीनों का कहना था कि अगर छूट देनी ही है तो सभी होटलों को दी जानी चाहिए। कुछ लोगों को छूट देने से लोगों में गलत संदेश जाएगा। इस विषय पर करीब आधे घंटे तक बहस चली। बाद में मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद इसे मंजूर कर लिया गया। वाणिज्यिक कर मंत्री अमर अग्रवाल ने विधानसभा नियमों का हवाला देते हुए छूट के कारणों का खुलासा करने से इन्कार कर दिया।

1500 करोड़ का अनुपूरक बजट :- मंत्रिपरिषद ने पहले अनुपूरक बजट को भी मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि सरकार कुछ योजनाओं में खर्च के लिए विधानसभा से करीब 1500 करोड़ रुपए की मांग करेगी।

सूत, सारथी, सईस अब अजा में :- राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिश पर सरकार ने सूत, सारथी, सईस अथवा सहीस जातियों अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल करने का फैसला किया है। पहले ये जातियां अन्य पिछड़ा वर्ग में शुमार थीं।

एचआइवी, कुष्ठ, मानसिक रोगी और तीसरे लिंग को मिलेगी मदद :- सरकार ने छत्तीसगढ़ निराश्रितों एवं निर्धन व्यक्तियों की सहायता कानून में बदलाव करने का फैसला किया है। इस बदलाव के जरिए एचआइवी पीडि़त, कुष्ठ रोगियों, मानसिक रोगियों और तीसरे लिंग समुदाय के लोगों को भी इस श्रेणी में रख दिया जाएगा। इस बदलाव के बाद उन्हें भी गरीब कल्याण योजनाओं का लाभ मिल पाएगा।

इन कानूनों में भी बदलाव

– छत्तीसगढ़ नगर पालिका संशोधन विधेयक

– छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर संशोधन विधेयक

– दुकान एवं स्थापना नियोजन एवं सेवा शर्तों का विनियमन विधेयक

– छत्तीसगढ़ श्रम विधियां संशोधन विधेयक

– औद्योगिक नियोजन स्थायी आदेश विधेयक

फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन : कांग्रेस

कांग्रेस ने होटलों को छूट देने के फैसले का विरोध किया है। पार्टी प्रवक्ता महेंद्र छाबड़ा ने कहा, किसी होटल को सिर्फ इसलिए शराब बेचने की अनुमति नहीं दी जा सकती कि वह धनाढ्य और अभिजात्य वर्ग को शराब परोसता है। उनका कहना था कि मंत्रिपरिषद ने एेसा फैसला कर साबित कर दिया, सरकार पूंजिपतियों की बंधक है। छाबड़ा ने कहा कि सरकार का यह फैसला सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का भी उल्लंघन है।

 

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