छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री और वरिष्ठ आदिवासी

छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री और वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकीराम कंवर अपने बयानो को लेकर हमेशा से चर्चा मे बने रहते है। इस बार भी उन्होने कुछ इसी प्रकार का बयान दिया है जहा उन्होने आगामी विधान सभा चुनाव के टिकट मिले या ना मिले चुनाव लडने की बात कही वही यदि प्रदेश मे शराबबन्दी नही की जाती है तो उसका घाटा पार्टी को हो सकता है यह दावा किया है। इसके अलावा उन्होन आगामी विधान सभा चुनाव मे कांग्रेस की जीत के दावो को भी खोखला बताया है। साथ ही नक्सल समस्या से निपटने वे फोर्स बढाने पर बल देते नजर आये है |यू तो प्रदेश की सभी राजनैतिक पार्टीया विधान सभा चुनाव 2018 की तैयारी मे जुट गई है। वही इन पार्टी के नेता भी चुनाव मे टिकट लेने की जुगत मे जुट गये है लेकिन उन्हे पता नही है की पार्टी उन्हे टिकट देगी या नही । लेकिन यदि भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर की बात की जाये तो उन्हे इस बात की चिन्ता ही नही है की भाजपा उन्हे टिकट देगी या नही । लेकिन वे चुनाव के लिए तैयार है। उन्होेने कहा की मेरे क्षेत्र मे पब्लिक चुनाव लडेगी,मेरे लिए,टिकट मिले ना मिले वे तैयार है।जब उनसे पूछा गया की क्या आपको भाजपा से टिकट मिलेगी तो उनका कहना था की बीजेपी से मै ही खडा होउन्गा ,मुझे टिकट न देने का क्या कारण हो सकता है । इस दौरान वे मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह पर भी चुटकी लेते हुए कहा की मुख्यमत्री मेरे से आठ साल छोटे है लेकिन मेरे इतना दौरा करके देखे ,कोई भी मंत्री मेरे इतना काम करके दिखाये । ननकीराम के इस बयान को देखते हुए तो यही लगता है वे विधान सभा चुनाव 2018 के लिए तैयारी है फिर पार्टी से टिकट मिले या ना मिले इस दौरान जब उनसे कांग्रेस की विधानसभा चुनाव मे क्या कांग्रेस जीत सकती है तो उन्होने चुटकी लेते हुए कहा की अब देश के लोग कांग्रेस को रिजेक्ट कर चुके है,कांग्रेस कितना भी कोशिश करे अब कांग्रेस नही आ सकती,कांग्रेस यदि प्रधानमंत्री बनाने वाले को मुख्यमंत्री बनाने का भी ऐलान कर दे तो भी प्रदेश मे जीत नही सकती है। कंवर इस दौरान यह भी कहते नजर आये की यदि प्रदेश मे शराब बन्दी नही की गई तो इसका घाटा पार्टी को विधान सभा चुनाव के दौरान उठाना पड सकता है…इसके अलावा कंवर ने नक्सल समस्या से निपटने के लिए फोर्स बढाये जाने की बात कही। कंवर का कहना है की जब वे गृहमंत्री थे तो उन्हे कांग्रेस की केन्द्र सरकार से प्रदेश मे नक्सल से निपटने के लिए फोर्स बढाये जाने की मांग की थी जिससे सरकार ने इंकार कर दिया था। यदि उस समय फोर्स बढा दी जाती तो आज यह समस्या कम हो गई होती। हालाकि उन्होने नक्सल समस्या से निपटने के लिए सेना का इस्तेमाल किये जाने की बात से इंकार किया है।अब देखने वाली बात है की ननकीराम के इस बयान पर उनकी ही पार्टी की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है । इसके अलावा कांग्रेस को लेकर दिये गये बयान पर कांग्रेस का क्या रूख रहेगा यह तो आने वाले समय मे ही पता चलेगा । लेकिन यह जरूर है की ननकीराम कंवर हमेशा से अपनी बेबाकी ओर सादगी के लिए जाने जाते है।

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