भूपेश-डहरिया जोगी परिवार पर आरोप लगाने से पहले गिरेबान में झांके : रिजवी

रायपुर। कांग्रेस के कुछ तथाकथित नेताओं द्वारा जोगी परिवार पर अकारण, बेबुनियाद आरोप लगाया जा रहा है। आरोपों की माला जपना छोड़कर अपने संगठन एवं भावी विधानसभा क्षेत्रों में जाकर प्रचार करें तब शायद उनकी जमानत बच सकेगी वरना जोगी लहर के आगे जोगी विरोधियों की पराजय आगामी विधानसभा चुनाव में तय है। उक्त बातें जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख इकबाल अहमद रिजवी ने कही है।
उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी महासचिव पीएल पुनिया का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि ऐसे अभद्र दोषारोपण करने वाले नेताओं को समझाईश दें कि वो लोग जोगी परिवार पर बेबुनियाद आरोप लगाना छोड़ें।रिजवी ने श्री पुनिया का प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल की पूर्व अनुशासनहिनता की ओर ध्यान आकर्षित किया है। सन 1993 के विधानसभा चुनाव में पाटन विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी द्वारा अधिकृत प्रत्याशी स्व. अनंतराम वर्मा के विरूध्द जानबूझ कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल कर भूपेश बघेल ने तत्कालिन दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष से सांठगांठ कर बी फाॅर्म में हेराफेरी एवं कूट रचना कर अपना नाम लिखवाया था, जो घोर अनुशासनहिनता की परिधि में आता है। आज भी उक्त आरोप जीवित है जिससे समर्पित कार्यकर्ता नाराज है और प्रदेश अध्यक्ष को दिल से स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। रिजवी ने शिव डहरिया को एहसान फरामोश एवं जिस थाली में खाया उसी में छेद किया है की संज्ञा दी है। आम चर्चा है कि जोगी परिवार का नमक बड़ी जल्दी भूल गये जो डहरिया की स्तर खसलत को दर्शाता है तभी तो काल्पनिक एवं कपोलकल्पित आरोप लगाकर कांग्रेस में अपनी टिकट पक्की करने के जुगाड़ में है। जो व्यक्ति सगी मां के हत्या के आरोपी को पकड़वाने सीबीआई जाँच की मांग तक नहीं कर रहा है उससे ममतामयी डाॅ रेणु जोगी के सम्मान की अपेक्षा करना बेमानी है। आरोपों की अपेक्षा डहरिया से नहीं थी जबकि डहरिया की पहचान बनाने में केवल जोगी परिवार का ही हाथ है इस सत्यता से सम्पूर्ण प्रदेश वाकिफ है।

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