डॉ रमन ने दी मुर्गा छोड़कर मुनगा खाने की नसीहत

00 15 अगस्त तक 8 करोड़ पौधे रोपने का लक्ष्य : रमन
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने गुरुवार को प्रदेश के लोगों को मुर्गा छोड़कर मुनगा खाने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि, इस वर्ष 15 अगस्त तक 8 करोड़ पौधे रोपने का लक्ष्य है। यह आयोजन एक साथ पूरे प्रदेश के सभी 27 जिलों में आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन पूरे देश का सबसे बड़ा कार्यक्रम है, जिसमें 8 करोड़ पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि, मुनगा शरीर को आयरन देता है, जिससे हमारे प्रदेश की बेटियां स्वस्थ्य रहेंगी। रायपुर के थनौद में आयोजित महावृक्षारोपण अभियान के दौरान उन्होंने ग्रामीणों को अपने घर-बाड़ी में मुनगा के पौधे रोपने की बात कही।
मुख्यमंत्री के साथ इस दौरान उनकी धर्मपत्नी वीणा सिंह और पुत्री डॉ. स्मिता सिंह उपस्थित थीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, वीणा किसी भी सार्वजनिक कार्यों में मंच पर आने से कतरातीं हैं, लेकिन पौध रोपण कार्यक्रम होने के कारण उन्होंने ही मुझसे कहा कि, इस कार्यक्रम पर मैं भी चलूंगी। उन्होंने पुराणों का उदाहरण देते हुए कहा कि, सावन के महीने में पौधा रोपना सबसे पुण्य काम है। धर्मो रक्षति रक्षित:। वृक्षौ रक्षति रक्षित:। अर्थात धर्म की जो रक्षा करता है धर्म उसकी रक्षा करता है उसी प्रकार जो वृक्ष की रक्षा करता है वृक्ष उसकी रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि, आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए यदि पौधों का रोपण नहीं किया गया तो एक दिन यह पृथ्वी कार्बनडाई ऑक्सीजन विहीन हो जाएगी और पूरी पृथ्वी में अंधेरा छा जाएगा, इसलिए हमें सबसे ज्यादा पौधरोपण करना होगा। उन्होंने बताया कि, प्रदेश के वन विभाग की वेबसाइट पर रोपे जाने वाले वृक्षों की तस्वीर और संख्या अपलोड की जाएगी, और यह पौध रोपण का सिलसिला तब तक चलेगा जब तक वह संख्या 8 करोड़ न हो जाए। इसके साथ ही वृक्षा रोपण करने वाले व्यक्ति के साथ पौधे की तस्वीर भी अपलोड की जाएगी। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान अधिक से अधिक पौधरोपण करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि, मैं 15 अगस्त तक जिस भी जिले के दौरे पर जाऊंगा वहां पर एक पौधा रोपण करुंगा। पौधरोपण के लिए जिस भी ग्राम पंचायत के पास रिक्त भूमि है, जिसमें वे वृक्षारोपण करना चाहते हैं। वे गांव का पंजीयन वन विभाग के पास करावा कर पौधे और पौधों से संबंधित सभी प्रकार के सुरक्षा के इंतजाम विभाग की ओर से करवा सकते हैं। प्रदेश के जिन जगहों पर भी पौध रोपण किया जाएगा उसका सारा खर्च सरकार वहन करेगी। संबंधित संस्था या ग्राम पंचायत की यही जिम्मेदारी होगी कि, वे पौधे को जिंदा रखें।

error: Content is protected !!