Friday, February 28, 2020
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मासूम से दुष्कर्म और हत्या केस में हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका, मौत की सजा बरकरार

रायपुर। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा एवं जस्टिस गौतम चौरड़िया की बेंच ने असहाय साढ़े पांच वर्ष की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने के आरोपी की मृत्युदंड की सजा की पुष्टि की है। विशेष न्यायाधीश दुर्ग ने आरोपी को अगस्त 2018 में मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। शासन ने सजा की पुष्टि के लिए प्रकरण पेश किया था। हाई कोर्ट ने मामले को ‘रियरेस्ट ऑफ रेयर” माना है।

मामले के अनुसार 25 फरवरी 2015 को खुर्सीपार चंद्रमा चौक के पास रहने वाली साढ़े पांच साल की मासूम बच्ची घर के पीछे खेल रही थी। सुबह 11 बजे वह गायब हो गई। पिता व परिवार के लोगों ने आसपास उसकी तलाश की, लेकिन वह नही मिली नही। तब पिता ने रिपोर्ट लिखाई। इस पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ 363 के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया। पुलिस ने मोहल्ले के संदिग्ध नाबालिग को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि इसके बड़ा भाई राम सोना ने लड़की की हत्या कर लाश को घर में रखा था। बाद में कुंती व अमृत के साथ मिलकर शव को ठिकाने लगाया है। इसके बाद पुलिस ने सभी को पकड़ा। इसमें दिल दहला देने वाली बात सामने आई। आरोपी राम सोना ने बच्ची को चॉकलेट देने का लालच देकर घर में बुलाया। और वहां उसका मुंह दबाकर उसके साथ बलात्कार किया फिरउसकी हत्या कर दी। बाद में मां कुंती सोना और मित्र अमृत सिंह के साथ मिलकर शव को सफेद रंग के प्लास्टिक के बोरे में भर कर रेल लाइन के किनारे नाले में फेंक दिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नाले से बच्ची का शव बरामद किया।

दुर्ग न्यायालय ने सुनाई थी फांसी की सजा :- मामले में आरोपियों के खिलाफ धारा 363, 365, 376, 302, 201, 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायालय में चालान पेश किया। एफटीसी कोर्ट दुर्ग के विशेष न्यायाधीश ने 24 अगस्त 2018 को रैप के बाद मासूम के हत्यारे राम सोना को 376, 302 में फांसी की सजा सुनाई है। शासन की ओर से निचली अदालत के निर्णय की पुष्टि के लिये प्रकरण को हाई कोर्ट में पेश किया गया। दूसरी ओर आरोपी ने भी सजा के खिलाफ अपील पेश की। हाई कोर्ट ने आरोपी राम सोना की अपील को खारिज कर निचली अदालत द्वारा दी गई फांसी की सजा की पुष्टि की है।

सहयोगियों की भी अपील खारिज :- निचली अदालत ने मामले में आरोपी राम सोना को सहयोग करने के आरोपी अमृत सिंह को धारा 201 में 5 वर्ष, 202 में 6 माह कैद तथा कुंती सोना को 201, 216, 212 में 5-5 वर्ष कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट ने इनकी भी अपील को खारिज कर दिया है।