Thursday, December 12, 2019
Home > featured > पूर्व नक्सली  ने वसूली के लिए बनाया फर्जी नक्सली गिरोह,पुलिस ने किया गिरोह का पर्दाफाश

पूर्व नक्सली  ने वसूली के लिए बनाया फर्जी नक्सली गिरोह,पुलिस ने किया गिरोह का पर्दाफाश

0 पूर्व नक्सली ने वसूली के लिए बना लिया था गिरोह
0
सरपंच,उप सरपंच और सचिव को बनाते थे शिकार

गरियाबंद। पूर्व नक्सली  द्वारा वसूली के लिए बनाए गए एक गिरोह को पुलिस ने असली-नकली हथियारों सहित गिरफ्तार किया है। पकड़े गए सभी आरोपी जिला मुख्यालय गरियाबंद के रहने वाले हैं। फर्जी नक्सली गिरोह ग्राम पंचायतों के सरपंच, उपसरपंच और सचिवों को निशाना बनाते थे। इस गिरोह के पर्दाफाश को पुलिस की बड़ी सफलता  के रुप में देखा जा रहा है।

पुलिस के मुताबिक 27 नवम्बर को रात्रि में पुलिस अधीक्षक एम.आर. आहिरे को अज्ञात नक्सलियों के मुव्हमेंट की सूचना ग्राम जड़जड़ा, छिदौला, खट्टी की तरफ होने की मिली थी, अंदेशा था कि जड़जड़ा सरपंच के घर वसूली के लिए फिर से आ सकते है। इस सूचना के आधार पर कोतवाली थाना एवं ई-30 टीम को आवश्यक दिशा निर्देश देकर जड़जड़ा की ओर रवाना किया गया था। पुलिस दल दो टीम में बटकर छुपाव हासिल कर नाकाबंदी कर रहे थे। इसी बीच कुछ लोगों की आहट सूनाई दी, पुलिस टीम द्वारा कौन है पुछने पर, अचानक से 02-03 राउण्ड फायरिंग हुई, पुलिस टीम द्वारा भी आत्मरक्षार्थ जवाब में फायर किया गया। फायरिंग बंद होने पर थोड़ी देर बाद उजाला होने पर घेराबंदी कर सर्चिग किये, तो वही झाड़ियों में दो वर्दीधारी व चार अन्य व्यक्ति जो सादे कपड़े में थे को मौके पर पुलिस टीम द्वारा अभिरक्षा में लिया गया। दो वर्दीधारी जिसमें से एक के पास भरमार व दूसरे के पास बंदुक जैसा हथियार मिला। संदेही आरोपियों को थाना कोतवाली गरियाबंद लाकर पृथक-पृथक पूछताछ किया गया। जिसमें वदीर्धारी गौतम चक्रधारी ने बताया कि वे लोग खाने-पीने के शौकिन है, पैसे की कमी होने से गिरफ्तार अन्य साथियों बादल सिंह, रोशन निषाद, मुकेश भोई, संतोष निषाद, लेखराम निषाद के साथ फर्जी नक्सली संगठन बनाकर जड़जड़ा के सरपंच शत्रुहन के घर बंदुक लेकर 50 हजार रुपए वसूले थे, बाद में 75 हजार रुपए और लिए। उसी रकम से हथियार और वाकी-टाकी सेट खरीदे थे। इसी प्रकार सभी संदेहियों से अलग-अलग पुछताछ करने पर फर्जी नक्सली संगठन बनाकर आसपास के गांव के सरपंच, सचिव, उप सरपंच को डरा धमका कर पैसा वसूल करना बताया। संदेहियों ने अपने पास रखे हथियार एवं 02 पल्सर मोटर सायकल को घटना स्थल के पास छुपाना बताए। जिसे आरोपियों के मेमोरेण्डम के आधार पर जप्त किया गया। उक्त आरोपियों के द्वारा विधि विरूद्ध जमाव का सदस्य बनकर धातक आयुध से सज्जित होकर पुलिस पार्टी पर हत्या करने के नियत का कृत्य पाये जाने से थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 254/2019 धारा 147,148,149,307 भादवि, 25, 27 आर्म्स एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लेकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड हेतु माननीय न्यायालय पेश किया गया।
जड़जड़ा सरपंच- उपसरपंच ने की थी शिकायत :- जिले के ग्राम जड़जड़ा के सरपंच शत्रुहन धु्रव एवं उप सरपंच हुकुमलाल साहू ने थाना कोतवाली गरियाबंद में लिखित आवेदन दिया और बताया कि पिछले वर्ष जनमाष्टमी के दिन कोई रात में घर का दरवाजा खटखटाया, झांककर बाहर देखा तो 04-05 लोग दिख रहे थे, दरवाजा खोला तो 03 लोग अंदर आये और अपने आपको नक्सली सदस्य होना बताए।  अपने साथ पिस्टल, बटनदार चाकू, दो बंदूक जैसा हथियार रखे थे। उन लोगों ने कहा कि आंध्रा के नक्सली ने उन्हे पैसा लेने भेजा है। तुम अभी 50 हजार रुपए दो, रुपए नही है बोलने पर, नक्सलियों ने जो है उसी को दो कहा और कनपटी पर बंदूक लगाकर कहा कि पैसा नही दोगे तो जान से मार देंगे और परिवार को तबाह कर देंगे। तब सरपंच ने डर कर घर में रखे 15 हजार रुपए को दिया और खाने का सामान मांगने पर सामान भी दिया। जाते-जाते नक्सलियों ने कहा कि तुम्हारा 50 हजार व उप सरपंच का 50 हजार लेकर रखना। 04-05 दिनों के अंदर पैसा तैयार रखना हम कभी भी आकर ले सकते है। यदि किसी को या पुलिस को सूचना दिया या बताया तो उसका परिणाम तुम्हे भुगतना पड़ेगा, कहकर चले गये। ग्राम जड़जड़ा के सरपंच शत्रुहन धु्रव ने बताया कि मेरे पास पैसा नही होने पर मेरे मोटरसायकल को बेच दिया व उप सरपंच से भी पैसा लेकर रखा था। हथियारधारी नक्सली 04 दिन बाद आये जिन्हे सरपंच ने 01 लाख रुपए दिया। 15 अगस्त के दूसरे दिन जड़जड़ा सरपंच के घर नक्सली फिर आये और रुपए तैयार रखने की धमकी देकर चले गये। तब सरपंच ने अपने जमीन बेचकर रुपए की व्यवस्था की और नक्सलियों के आने पर उन्हे दिया। उप सरपंच के घर से 04 साड़ी व खाने, पीने का सामान भी ले गये। दीपावली के दूसरे दिन नक्सली फिर से आ धमके और जो रुपए है उसको दो और एक कट्टा चावल धमका कर ले गये।

दर्जनभर सरपंचों से 18 लाख की वसूली :- पकड़े गए आरोपियों में  गौतम चक्रधारी गिरोह का सरगना है। वह ग्राम करेली थाना शोभा का मूल निवासी है, पूर्व में यह नक्सलियों के साथ रहा है और नक्सलियों के साथ क्षेत्र में घुमा है। नक्सलियों की गतिविधियों से भलीभांति परिचित है, जो  हाल डाक बंगलापारा गरियाबंद में निवासरत है। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकारा है कि करीब दर्जनभर सरपंच- सचिवों को निशाना बना चुके हैं। इन लोगों से आरोपियों ने करीब 18 लाख रुपए वसूले हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी बादल सिंह महिलाओं की तरह लंबे बाल रखा है। जब वसूली के लिए किसी गांव जाते थे, तो उसे महिला बना दे देते थे और दीदी कामरेड दीदी कामरेड चिल्लाते थे। जिससे ग्रामीण महिला नक्सली समझकर उनके गिरोह को असली नक्सली समझकर डर जाते थे।
आरोपियों से जप्त सामग्री :- आरोपीयो से पुलिस ने एक भरमार, दो एयर पिस्टल (एके47 जैसा), एकएयर गन (एस.एल.आर. जैसा), एक स्माल पिस्टल (देशी कट्टा जैसा), एक लायटर पिस्टल (रिवाल्वर जैसा), एक गंडासा (कोयता), एक बटनदार लाईट वाला चाकू, दो मोटर सायकल (पल्सर), दो नग वाकी-टाकी मय चार्जर के, झिल्ली में रखा सैकड़ो छर्र्रे हरे रंग का दो सेट वर्दी और बेल्टजप्त किया है|