Sunday, September 22, 2019
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आसान फायनेंस के चंगुल मे फसे जरूरतमंद ग्राहक, हो रहा  जमकर शोषण   

०० निजी लोन व मोबाईल फायनेंस के नाम पर ग्राहकों से फायनेस कंपनी कर रहे हैं रंगदारी  

रायपुर। यदि आप बजाज फायनेंस से मोबाईल फायनेंस या लोन फायनेंस कराने के लिए सोंच रहे हैं तो हो जाए थोड़ा सावधान और इस खबर को जरुर पढ़े जैसा कि हम सबने कई पुरानी फिल्मो मे देखा ही है कि गांव कस्बों मे किस तरह से साहूकार होते थे जो गांव के भोलेभाले जरूरतमंद किसानों को ब्याज पर पैसे देते थे जरुरत पड़ने पर और फिर साहूकार उनसे धोखे से अपने कुछ दस्तावेज पर किसान का हस्ताक्षर करा लेता था और उनसे मनमाने तरीके से मोटी रकम वसूल करने लगता था और किसी कारण वश यदि किसान पैसे देने मे असमर्थ हो जाता तो साहू कार अपने गुंडे भेज कर किसानों को डराता धमकाता व जरुरत पड़ने पर मारने पिटने भी लगता था ठीक उसी तर्ज पर नए जमाने मे नया साहू कार का नया बिजनेस बजाज फाइनसर्व के नाम से पुरे भारत मे अपनी साख जमाकर जरुरतमंद व्यक्तियों को यूं तो जीरो प्रतिशत ब्याज मे मोबाईल फायनेंस व कम कागजी कार्यवाही कर लोन देने का झांसा देकर लोगों को ठगने का अपना व्यवसाय कर रहे है|

बजाज फायनेस द्वारा दुकानदारों से सांठगांठ कर पहले तो ग्राहकों को प्रलोभन देकर मोबाईल फायनेंस करते हैं उसके बाद नाना प्रकार से ग्राहकों को चुना लगाते हैं फिर बजाज फायनेंस के कर्मचारियों द्वारा ग्राहकों को फोन कर के लोन लेने के लिए कहते हैं और जब ग्राहक इनके जाल मे एक बार फस जाता है तो फिर शुरु होती है रंगदारी और मनमाने तरीके से पैसे वसूलने का धंधा| सूत्रों के अनुसार ग्राहक के पूछे जाने पर कोई भी एजेंट किसी प्रकार से सटिक जवाब नही देता और ग्राहकों द्वारा दस्तावेज पर साईन करने की बात कह कर डराते धमकाते हैं जो खुद को बजाज फायनेंस के कर्मचारी बताते हैं लेकिन गुंडो की तरह पैसे वसूल करने मे महारत हासिल रखते हैं इन एजेंटों को किसी प्रकार की जानकारी ग्राहक को देने मे तकलिफ होती है लेकिन पैसे समय पर न मिलने से ग्राहकों से अभद्र व्यवहार व उनके घर वालों को भी धमकाना डराना शुरु कर देते हैं और पेनाल्टी के नाम पर मनमाने तरीके से खाते से पैसे काटे जाने लगते हैं आखिर इन रिकवरी एजेंटों को इतना अधिकार व छुट किसने दिया है कि ये ग्राहकों से इस तरह से व्यवहार करें क्या बजाज फायनेंस द्वारा व्यवसाय के नाम पर धोखाधड़ी का करोबार चलाया जा रहा है हाल ही मे मध्यप्रदेश के एक अखब़ार मे बजाज फायनेंस के  पूरे कारनामे की खबर प्रकाशित कि गई थी कि किस तरह से जीरो प्रतिशत मोबाईल फायनेंस कर के अतिरिक्त पैसे वसूले जाते हैं आखिर क्या कारण है कि इस तरह से लोगों को ठगे जाने पर भी बजाज फायनेंस पर अब तक कोई भी कार्यवाही नही की गई है। फायनेस से प्रताड़ित ग्राहक ने बताया कि मेरे द्वारा बजाज फायनेंस से 4 मोबाईल फायनेंस कराया गया था जो की इस प्रकार से है डीलर के बताए नियम के अनुसार चार मोबाईल फायनेंस कराया गया था जो कि (1) यह है कि मोबाईल 14/8/2018 को सेमसंग J6 IMEI 357110 /09/ 156098/ 3*, *357111/09/156098/1* – 15700 रुपये जिसका EMI 1570 रुपये प्रतिमाह 7 माहिने के लिए बिल मे अंकित किया गया है जिसका डाऊनपेमेंट 4710 रुपये जमा कराया गया था और 449 रुपये बजाज कार्ड के लिए लिया गया था लेकिन मेरे खाते से प्रतिमाह 1717 रूपये EMI काटा गया है (2) यह है कि  मोबाईल 14/9/18 को सेमसंग J8 – *359053/09/552647/7* *359054/ 09/ 552647/5* 17990 रुपये जिसका डाऊनपेमेंट 5715 रुपये जमा कर फायनेस कराया गया था जिसका EMI प्रतिमाह 7 महिने के लिए 1799 रुपये बिल मे अंकित किया गया था जिसका EMI 2/1/2019 को मेरे अकाऊंट से 1829 रुपये काटा गया है (3) यह है कि मोबाईल 13/12/18 को ओप्पो A7 – IMEI1:866901041571037, 866901041571029 – 16990 रुपये 0 डाऊनपेमेंट मे फायनेंस कराया गया था जिसका EMI प्रतिमाह 6 महिने के लिए 2831 रुपये बिल मे अंकित किया गया था लेकिन मेरे अकाऊंट से प्रतिमाह 2832 रुपये काटा जा रहा है और (4) यह है कि मोबाईल जिसमे सबसे बड़ा फेर बदल किया गया है जो की 11/1/2019 को सेमसंग J6+ IMEI *352682 /10/408889/2*, *352683/10/408889/0* 12990 रुपये डाऊनपेमेंट 3247 रुपये जमा कर फायनेंस किया गया था जिसका EMI 1623 रुपये प्रतिमाह 6 महिने के लिए बिल मे अंकित किया गया था लेकिन 1159 रुपये का EMI प्रतिमाह मेरे अकाऊंट से काटा जा रहा है मेरे द्वारा पूछे जाने पर पहले तो गोल गोल बातों से घुमाया जा रहा था उसके बाद बैंक स्टेटमेंट की बात कहने लगे थक हार कर मैने अपना बैंक स्टेटमेंट भी निकलवाया जिसका 1000 हजार रूपये स्टेटमेंट शुल्क के नाम पर तत्काल मेरे अकाऊंट से स्टेट बैंक के द्वारा काटा गया बैंक स्टेटमेंट देखने के बाद जब मेरे मोबाईल फायनेंस का डिटेल चेक किया गया तो बताया कि आपका सेमसंग J6+ 12990 रुपये के मोबाईल का स्कीम चेंज कर दिया गया है तो सवाल यह है कि क्या प्लान चेंज करने से पहले मुझे इसकी जानकारी दी गई थी यदि दी गई थी तो किस माध्यम से दी गई थी जिसका जवाब मुझे नही मिल पाया साथ ही मुझे बजाज फाईनेसर्व के द्वारा 276000 रुपये का लोन फायनेंस किया गया है जिसमे से मेरे अकाऊंट मे 258707 रुपये ट्रांसफर किया गया था जबकि मुझे बताया गया था कि इन्सोरेंस और प्रोसेसिंग चार्ज मिलाकर 10 से 12 हजार रूपये कटेगा लेकिन 17293 रुपये काटा गया है जिसकी जानकारी लगातार मेरे द्वारा फ़ोन के माध्यम से चिरमिरी ब्रांच के बजाज फाईनेसर्व के कर्मचारियों को दी जा रही थी लेकिन किसी ने भी संतोषजनक जवाब नही दिया मोबाईल के लिए कभी डीलर के पास भेज देते तो कभी मनेन्द्रगढ़ के ब्रांच जाने की बात कहते रहे इन सब से थक कर मैने चिरमिरी थाने मे भी शिकायत करना चाहा तो थाने वालों ने आपसी लेन देन की बात कह कर मामले को नजर अंदाज कर दिया और प्रर्सनल लोन की जानकारी के लिए भी मनेन्द्रगढ़ से ही पता करने की बात कहते और बीमा के नाम पर अतिरिक्त पैसे लिए गए और EMI पर भी एक महिने की किस्त अधिक ली गई थी और जिस स्कीम के तहत मुझे मोबाईल फायनेंस किया गया था उस स्कीम को बदल कर दुसरे स्कीम से मोबाईल फायनेंस कर दिया गया मुझे बिना जानकारी दिए जब मैने बजाज फायनेंस के ऑफिस मनेन्द्रगढ़ और चिरमिरी मे जाकर पूछा तो किसी ने भी संतोषजनक जवाब ही नही दिया और अंत मे मोबाईल सॉप वालों की गलती बता कर अपना पल्ला झाड़ते रहे जिसकी मैने लिखित शिकायत 14/6/2019 को किया था लेकिन आज दिनाक तक मुझे जानकारी प्राप्त नही हुई है इसी प्रकार से मेरे प्रशनल लोन मे भी कई झोलझाल किए गए और अभी एक माह की किस्त किसी कारणवश नही दे पाया तो मुझे परेशान कर कर के बदसुलुकी पर उतर आए बजाज फायनेंस के एजेंट पेनाल्टी के नाम पर कई बार मेरे खाते से पैसे भी काट लिए गए हैं फिर भी जबरन नाना प्रकार से परेशान करते रहते हैं जबकि अन्य फायनेंस कम्पनियों मे 90 दिनों का या कम से कम 60 दिनों का समय दिया जाता है। महेश गोयन (पीड़ित ग्राहक) वहीं सतीश कुमार सिंग गोदरीपारा निवासी का कहना है कि उनके खाते मे किस्त की प्रयाप्त राशि होने के बाद भी उनसे पेनाल्टी के नाम पर अतिरिक्त पैसे वसूले गए जिसकी जानकारी उन्होने बजाज फायनेंस वालों को बताई लेकिन बजाज फायनेंस वालों का कहना है कि एक्स्ट्रा चार्ज जो भी काटा जाता है वो बैंक के द्वारा काटा जाता हमारे द्वारा नही।