Sunday, September 22, 2019
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पेसा कानून लागू करने राज्य सरकार संकल्पित : टी.एस. सिहंदेव

०० किसानों और आदिवासियों की भलाई के लिए काम कर रही है राज्य सरकार- राजस्व मंत्री श्री अग्रवाल
०० बिचौलियों से मुक्ति के लिए वनोपजों की खरीदी समर्थन मूल्य पर

०० तिरथुम में पंच-सरपंच सम्मेलन सम्पन्न

रायपुर|पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा है कि अधिसूचित क्षेत्रों में पेसा कानून को लागू करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। उन्होंने कहा कि अधिसूचित क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों के संचालन के नियम बनाए जा रहे हैं। बहुत जल्द इसे लागू किया जाएगा। श्री सिंहदेव आज बस्तर जिले के बास्तानार विकासखण्ड के ग्राम तिरथुम में आयोजित पंच-सरपंच सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। श्री सिंहदेव ने कहा कि वनोपज वनवासियों की आर्थिक समृद्धि का बहुत बड़ा आधार है। वनोपजों की खरीदी को बिचौलियों से मुक्त करने के लिए राज्य सरकार द्वारा 15 प्रकार के वनोपजों को समर्थन मूल्य पर खरीदने का निर्णय लिया गया है। इससे वनवासियों को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और वनवासियों को ज्यादा फायदा होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने सम्मेलन में 9 करोड़ 74 लाख के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसमें 8 करोड 4 लाख रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और एक करोड़ 74 लाख रूपए के कार्यों का शिलान्यास शामिल है।

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पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री सिंहदेव ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए नरवा, गरवा, घुरवा और बारी के संरक्षण और संवर्द्धन की योजना शुरू की है। इसमें सभी ग्रामवासी और पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि गोठानों के संचालन के लिए राज्य सरकार ने प्रत्येक गोठान संचालन समिति को प्रति माह दस हजार रूपए देने का निर्णय लिया है। गोठानों की कार्यप्रणाली के आधार पर भविष्य में इस राशि को बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर जिले में मनरेगा की मजदूरी और पेंशन भुगतान में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए बैंक सखी का प्रावधान किया गया है। इससे पेंशनधारी और मनरेगा मजदूरों को उनके गांव और घर में ही भुगतान हो रहा है। इसके साथ ही हाट बाजारों में भी मोबाईल एटीएम वेन की व्यवस्था की जाएगी, ताकि बाजार आने वाले लोग अपना पैसा निकाल सकें। श्री सिंहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना को बस्तर जिले में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया था, इसके बेहतर परिणाम को देखते हुए अब इस योजना को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि पंचायतों की बैठकों में अधिकारियों के शामिल नहीं होने अथवा प्रतिनिधि भेजने की शिकायतें प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जिस स्तर की पंचायतों की बैठकों में भाग लेने के लिए अधिकृत किया गया है, वे उस पंचायत की बैठकों में अनिवार्यरूप से शामिल हों, ऐसा नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और आदिवासियों की भलाई के लिए कार्य कर रही है। उन्होेंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य में विकास की गति बढ़ी है। छोटे प्लाटों की रजिस्ट्री की सुविधा, टाटा स्टील प्लांट के लिए अधिग्रहित जमीन की वापसी, डायवर्सन के नियमों का सरलीकरण आदि कार्य किए गए हैं। सासंद श्री दीपक बैज ने कहा कि राज्य सरकार के फैसले के अनुसार अब बस्तर के युवाओं को बस्तर में ही नौकरी मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग मंे विभिन्न पदों पर भर्ती की जा रही है, जिसमें पहली प्राथमिकता बस्तर के युवाओं को दी जा रही है। उन्होंने कहा कि एनएमडीसी में भी स्थानीय लोगों की भर्ती की जाएगी। बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और विधायक बस्तर श्री लखेश्वर बघेल ने भी सम्मेलन को सम्बोधित किया। इसके पहले पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया। मंत्री श्री सिंहदेव और श्री जयसिंह अग्रवाल ने महात्मा गांधी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। मंत्रीद्वय ने सात शिक्षादूतों को 5 हजार रूपए की राशि प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने दो बैंक सखी श्रीमती नवती मौर्य और श्रीमती सुनीता कश्यप को लैपटॉप तथा 138 महिला स्वसहायता समितियों को 60-60 हजार रूपए के चेक प्रदान किए। इस अवसर विधायक जगदलपुर श्री रेखचंद जैन, मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार श्री राजेश तिवारी, सहित अनेक जनप्रतिनिधि, कलेक्टर डॉ. अय्याज तम्बोली, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री इन्द्रजीत चन्द्रवाल सहित दरभा, तोकापाल और बास्तानार विकासखण्ड के पंच-सरपंच उपस्थित थे।