Saturday, August 24, 2019
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जल शक्ति अभियान से लोगों को जोड़ने  की जरूरत : आर.के. अग्रवाल

०० छत्तीसगढ़ में नदी नालों के पुनर्जीवन और जल संरक्षण कार्यों की प्रशंसा

रायपुर| जलशक्ति अभियान विषय पर आयोजित कार्यशाला में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री आर.के. अग्रवाल ने कहा कि यह अभियान जल के संचयन और संरक्षण से जुड़ा अभियान है। अभियान की सफलता के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और इस अभियान में व्यापक जनभागीदारी लाने की जरूरत है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नदी नालों के पुनर्जीवन के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने नगरीय तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पानी बचाने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग के संबंध में जन जागरण अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया।
जल संसाधन विभाग द्वारा स्थानीय स्टेट डाटा सेन्टर सिहावा भवन में कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री अग्रवाल ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में जल शक्ति अभियान को फारेस्ट मेनेजमेंट से जोड़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि भविष्य में जल संकट से बचने के लिए हमें अभी  से सचेत रहने की आवश्यकता है तथा इससे बचने के लिए पहले से तैयारी करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन के तरीकों और जल के दुरूपयोग को रोकने के सबंध में लोगों को जागरूक कर पेयजल, सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ा सकते हैं। जल संसाधन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत ने कहा कि जल शक्ति अभियान के लक्षयों को प्राप्त करने के लिए वन विभाग, जल संसाधन विभाग, वाटर शेड मेंनेजमेंट को एकजुट होकर कार्य करने और नदी किनारे वृक्षारोपण से वाटर रिचार्ज को प्रमुख रूप से बढ़ाने पर बल दिया है। इसी प्रकार नरवा की प्लानिंग जिला स्तर पर तैयार की जा रही है, इसके लिए इसरो के टोपोग्राफी शीट और अन्य महत्पूर्ण जानकारियों का उपयोग किया जा रहा है। मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार श्री डी.सी. जैन ने जल संरक्षण के मद्देनजर  छत्तीसगढ़ की भूगर्भीय संरचना, उप मण्डलाधिकारी श्री आलोक तिवारी ने नदी किनारे वृक्षारोपण, केन्द्रीय भूजल बोर्ड के डॉ. शिव कुमार ने शहरी क्षेत्रों मंे जल संरक्षण बोरवेल रिचार्ज, सी.जी.डब्ल्यू.एस.ए. श्री सूरज कुशवाहा ने जी.आई.एस. एप्लीकेशन पर कन्सलटेंट श्री एल. के. पाणिग्राही ने सतही एवं भूजल संरक्षण विषय पर कार्यशाला में विचार व्यक्त किए। कार्यशाला में रायपुर और बालोद जिले के जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित वन और जल संसाधन विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।