Saturday, August 24, 2019
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जीवित रहते शासन की सुविधाओ से वंचित ग्रामीणों को मृत्यु उपरांत मुक्तिधाम भी नहीं नसीब

०० ग्राम पंचायत जेंजरा के आश्रित ग्राम मुड़तराई में खुले में अंतिम सस्कार को मजबूर ग्रामवासी

०० तत्कालीन विधायक संतोष उपाध्याय के प्रयासों से मुक्तिधाम के शेड निर्माण की राशि हुई थी स्वीकृत थी लेकिन निर्माण कार्य अब तक नहीं  

राजिम/गरियाबंद/कोपरा| मूसलाधार बारिश में खुले आसमान के नीचे हाथों में छतरी और तिरपाल लेकर दाह संस्कार करते दिख रहे ये लोग किसी दुर्गम क्षेत्र के नहीं वरन राजिम विधानसभा क्षेत्र के मॉडल ग्राम पंचायत जेंजरा के आश्रित ग्राम मुड़तराई के हैं। कहने को तो यह ग्राम मॉडल ग्राम की श्रेणी में आता है लेकिन वास्तविकता धरातल पर कुछ और ही बयां कर रही है। आज ग्राम के बुजुर्ग व्यक्ति मोहन जोशी का देहांत हो गया तो उनके परिजन खुले आसमान के नीचे दाह संस्कार करने को विवश हो गए|

इस मानवीय संवेदनाओं से भरी समस्या की बहाली के लिए अनेक बार विभिन्न मंचों और समाचार पत्रों के माध्यम से सार्वजनिक पटल पर लाने का प्रयास किया गया तब तत्कालीन विधायक संतोष उपाध्याय के प्रयासों से मुक्तिधाम के शेड निर्माण की राशि स्वीकृत हुई थी लेकिन निर्माण कार्य की कछुए चाल के कारण आज पर्यंत तक शेड निर्माण पूर्ण नहीं हुआ है। ग्राम के लोगों को जीवित रहते कोई सुविधा नसीब हो रही है न ही मृत्यु उपरांत मुक्तिधाम नसीब हो रहा है। इंसान के स्वर्ग जाने का रास्ता भी अब गड्ढों से भर गया है। ग्रामवासियों स्व. मोहन जोशी के बड़े पुत्र राजेन्द्र जोशी, शिक्षक नंद कुमार जोशी, मिथुन जोशी एवं गांव के गणमान्य नागरिक तोरण ध्रुव, हुलास साहू, घनश्याम विश्वकर्मा, नकुल साहू, गणेश साहू, हरिकांत साहू, बीजू वर्मा, बुलखि जोशी, संतु साहू, रामेशर ध्रुव, महेंद्र जोशी, बीजू सतनामीे ने शीघ्र ही मुक्तिधाम को पूर्ण करने की मांग स्थानीय जनप्रतिनिधियों से की है।