Sunday, September 22, 2019
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पानी की किल्लत इतनी की 43 डिग्री के पारे मे कुआं खोदने को मजबुर महिलाएं

जन प्रतिनिधियों को नही है सुध क्षेत्र वासियों की बन बैठे हैं केवल मूकदर्शक

चंद्रकांत गढ़वाल

कोरिया। जिले के जनपद पंचायत खड़गवा अंतर्गत आने वाले ग्रामपंचायत जिल्दा में दो महिलाओं ने खुद ही पानी के लिए कुआं निर्माण का कार्य प्रारंभ किया देखते देखते वह दोनों महिलाओं द्वारा 5 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया वह भी भरी दुपहरी में जब पारा 43 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया गया हो उस महिलाओं से जब पूछा गया की आखिर वह गड्ढा क्यों खोद रहे हैंउन्होंने बताया के गांव के हैंडपंप सूख गए हैं उसमें से पानी नहीं निकलता है जिससे कि हमारे पीनेनहाने और बच्चों के कपड़े धोने के लिए पानी नहीं मिल पाता है इसको देखते हुए हम दोनों ने सूखे हुए तालाब के किनारे कुआं खोदने का मन बनाया यह सोच कर कि सूखे हुए तालाब के किनारे कुआं खोदने से पानी निकल आएगा मेरी जेठानी जोकि पेंड्री में रहती है जिसका नाम कुंती है वह मेरे घर आई हुई थी मैंने उसको अपनी समस्या बताई उसने भी बिना सोचे समझे मेरे साथ कुआं खोदने को भीड़ गई जब इस बारे में कुंती से पूछा गया तो उसने बताया कि मोहरी पारा जिंदा ग्राम पंचायत में एक ही हैंडपंप है जोकि गर्मी आते तक सुख जाता है जिससे परिवार को पीने का पानी नहीं मिल पाता पानी लेने के लिए लगभग 300 मीटर की दूरी पर लगे हैंडपंप पर जाना पड़ता है इसको सोच कर के मैंने कुआं खोदने का निर्णय लिया मेरे द्वारा कई बार जनप्रतिनिधियों को पानी की दिक्कत के बारे में बताया गयालेकिन अभी तक किसी प्रकार का कोई भी निर्णय जनप्रतिनिधियों द्वारा नहीं आया जबकि जिंदा ग्राम पंचायत में तीन तीन जनप्रतिनिधि हैं जिसमें से एक जिला अध्यक्ष के पद पर है वहीं दूसरा जनपद पंचायत सदस्य के तौर पर गांव में निवास करते हैं लेकिन उनको भी हमारी समस्याएं नहीं दिखती है चुनाव आने पर वोट मांगने के लिए हर बार हमारे पास आते हैं चुनाव खत्म होने के बाद यह दोबारा कभी नहीं आते तो हमारी समस्याएं नहीं दिखती है बार-बार ग्राम पंचायत के सरपंच और विधायक को भी पानी की समस्या से अवगत करा चुके हैं लेकिन फिर भी वह ध्यान नहीं देते इसलिए हम दोनों ने मिलकर कुआं खोदने का निर्णय लिया ताकि हमारे साथ साथ और भी लोगों का प्यास बुझ सके वहीं गर्मी के दिनों में जानवरों को भी पानी उपलब्ध नहीं हो सकता है क्योंकि आसपास के सभी नाले और तालाब सूख जाते हैं मेरे द्वारा कुआं खोदने से इन जानवरों को भी अपनी प्यास बुझाने के लिए थोड़ा तो पानी मिल ही सकता है।