Saturday, August 24, 2019
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भाजपा दोहरे मानदंडो की करती है राजनीति : कांग्रेस

०० डॉ रमन सिंह और अनिल जैन के बयानों पर कांग्रेस का पलटवार
रायपुर  मुम्बई हमले के मामले में रमन सिंह की राजनैतिक बयानबाजी पर पलटवार करते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस सरकार पर दोष मढ़ने के पहले रमन सिंह भाजपा शासन काल में हुये संसद पर हमले को भी याद करें और लोकतंत्र के मंदिर संसद भवन पर हुये आतंकवादी हमले को लेकर भाजपा सरकार की जवाबदेही स्वीकार करने का नैतिक साहस दिखायें। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने भाजपा पर दोहरे मानदंडों की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
बीजेपी प्रदेश प्रभारी अनिल जैन के बयान को बेहद बचकाना और स्तरहीन बयान ठहराते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि सेना की कार्यवाही पर श्रेय लेना सेना का अपमान है। मोदी के फैसले सही भी हो सकते हैं और गलत भी हो सकते हैं। मोदी सरकार अपने राजनीतिक फैसले पर बात करे, सेना की कार्यवाहियों पर नहीं। पुलवामा में जिस तरह से इंटेलीजेंस फेल हुआ, पूरी भाजपा चुप्पी साधे है। मोदी सरकार की नाकामी और इंटेलिजेंस फेल्योर पर भी भाजपा को बात करनी चाहिए, जिसकी वजह से 40 जवानों की शहादत हो गई। भाजपा नेता मोदी सरकार की गलती स्वीकार करने की बजाए सिर्फ अपनी विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने की चाल चल रहे हैं। जनता इसे समझ रही है।
अमित शाह अब छत्तीसगढ़ में कौन से जुमलों पर वोट मांगोगे  :- भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के छत्तीसगढ़ प्रवास पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनावों के वायदों को चुनावी जुमलेबाजी बताने वाले अमित शाह2019 के लोकसभा चुनावों में कौन से जुमलों को उछाल कर वोट मांगेगे? 2014 में कालाधन लाने का वायदा करने वाले मोदी, शाह हर के खाते में 15 लाख आने का वायदा करने वाले मोदी, शाह हर साल 2 करोड़ युवाओं को रोजगार का वायदा कर वोट हासिल करने वालों से छत्तीसगढ़ और देश की जनता इन वायदों का हिसाब मांग रही है।
भाजपा का किसान विरोधी चरित्र :- भारत में कार्य बल का 47 प्रतिशत कृषि से जुड़ा है। 2018-18 में कृषि, मत्स्य पालन, वनोपज की GVA (Gross Value Added ) 2.7 हो गई है। 20-17-18 में 5 प्रतिशत थी। एक साल में 46 प्रतिशत की यह कमी भयावह है। यह आंकड़े सेंट्रल स्टैटिस्टिक ऑफिस के हैं। खेती के मामले में इस साल का पिछले साल से तुलना करने में दिक्कत होती है क्योंकि 52 प्रतिशत खेती मानसून पर निर्भर रहती है। इसलिए पांच साल का औसत देखा जाता है।