Saturday, August 24, 2019
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मूर्खतापूर्ण कार्य करने वाले अधिकारियों को क्यों नहीं हटाती सरकार : अकबर

रायपुर। मुख्यमंत्री की विकास यात्रा के दौरान सरकारी राशि से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक का भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल के साथ विज्ञापन जारी किया गया था। इस मामले में कांग्रेस ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग की गई है। पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि रमन सरकार ने हाईकोर्ट में यह स्वीकार किया है, कि विज्ञापन जारी करने वाले अधिकारियों ने मूर्खतापूर्ण कार्य की है, लेकिन इन अधिकारियों को निलंबित करने के बजाए इन्हें उसी पद पर बनाए रखा है। इससे पता चलता है कि, रमन सरकार आगे भी इन्हीं अधिकारियों के जरिए सरकारी धन से भाजपा का प्रचार-प्रसार करने की योजना पर कार्य कर रही हैं।

विकास यात्रा 2018 के शासकीय विज्ञापनों में अमित शाह का फोटो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की हैसियत से विज्ञापन, भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल के साथ जारी किया गया था। इसी तरह शासकीय विज्ञाापनों में धरमलाल कौशिक के फोटो को भी प्रकाशित कराया गया था। जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे से सरकारी विज्ञापनों में राजनैतिक दल के प्रचार के खिलाफ अजीत आनंद डेग्वेकर ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में याचिका दायर की थी। इसमें कहा गया था कि, सरकारी विज्ञापन जारी करने में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन किया गया है। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ के महाधिवक्ता ने कोर्ट में स्वीकार किया कि सरकारी विज्ञापनों में भाजपा के पदाधिकारियों का फोटो प्रकाशित करना राज्य सरकार के अधिकारियों की गलती थी। महाधिवक्ता ने हाईकोर्ट में कहा कि सुप्रीम कोर्ट में निर्देशो का उल्लंघन ना हो इसका ध्यान रखा जाएगा। महाधिवक्ता ने यह भी माना कि सरकारी विज्ञापनों में राजनैतिक दल के पदाधिकारियों की फोटो और दल का चुनाव चिन्ह प्रकाशित करा कर सम्बन्धित अधिकारियों ने मुर्खतापूर्ण कार्य किया है। महाधिवक्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि भविष्य में ऐसी गलती न हो इसके लिए इन अधिकारियों को इन बिन्दुओं पर जानकारी दे दी गई है। भविष्य में सरकारी विज्ञापन जारी करने में सावधानी बरतने को कहा गया है।  इस मामले में हाईकोर्ट में रमन सरकार की ओर से अपनी गलती स्वीकारने के बावजूद भी कार्रवाई नहीं किए जाने पर मोहम्मद अकबर ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के कथन अनुसार मूर्खतापूर्ण कार्य करने वाले ये अधिकारी अभी भी उसी पद पर बने हुए हैं। इन अधिकारियों को न केवल उनके पद से तत्काल हटाना चाहिए बल्कि राजनैतिक दल के पदाधिकारियों का फोटो, दल के चुनाव चिन्ह के साथ सरकारी विज्ञापन के साथ जारी करने पर खर्च हुए करोड़ों रुपए भी वसूली की जानी चाहिए। मोहम्मद अकबर ने कहा कि सरकार की मंशा आगे भी सरकारी धन से भाजपा के प्रचार-प्रसार कराने की दिखाई पड़ती है। इसलिए ऐसे अधिकारियों को बचाया जा रहा है। सरकारी अधिकारियों को भी सलाह दी है कि, वे किसी राजनैतिक दल को लाभ पहुंचाने की नीयत से कराए जाने वाले कार्यों से बचें। सरकार के बड़े ओहदेदार उनसे अवैधानिक कार्य कराते हैं और कानूनी पेंच फंसने पर अधिकारियों को मूर्खतापूर्ण कार्य करने वाला बताने से नहीं चुकते।  मोहम्मद अकबर ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट के निर्देशानुसार भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केन्द्रीय मंत्री, राज्यपाल, राज्यों के मंत्रियों के फोटो सरकारी विज्ञापन में जारी किए जा सकते हैं।