Tuesday, April 7, 2020
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रमन सरकार किसान विरोधी फसल मुआवजा के नाम से दे रहे है धोखा : धनंजय सिंह ठाकुर

०० विकास यात्रा में लाईट है, साउण्ड है, कुर्सी है लेकिन किसान नहीं

रायपुर। फसल मुआवजा राशि वितरण में गड़बड़ी एवं फसल नुकसान आंकलन के तरीको से हो रहे किसानों के नुकसान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि किसानों को फसल मुआवजा 2रू., 3रू. देने एवं किसानों के द्वारा फसल लगाने के लिये सरकारी बैंको में कर्ज से वसूली पर तीन साल रोक के बाद फसल मुआवजा राशि को किसानों के खाते से सहमति बगैर कर्ज खाता में समायोजित करने से रमन सरकार का किसान विरोधी चेहरा सामने आ गया।

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि रमन सरकार के कथनी और करनी में जमीन और आसमान का अंतर है। बीमा कंपनियों से पॉलिसी के प्रीमियम में मिलने वाले कमीशन के कारण राज्य में रमन सिंह की भाजपा सरकार किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाकर बीमा कंपनियों को फायदा पहुंचाती है। किसानों पर आई प्राकृतिक आपदा में भी भाजपा कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार करने से पीछे नहीं हटती है। रमन सरकार के विकास में लिस्ट में सिर्फ बड़े व्यवसायी और उद्योगपति ही शामिल है। किसान, मजदूर, छात्र, महिलायें, युवा सिर्फ और सिर्फ रमन-मोदी के जुमला सुनने के लिये है। बीमा प्रीमियम के लिये बीमा कंपनियों ने किसानों से 127 करोड़ वसूले वहीं सरकार ने भी 170 करोड़ की राशि भुगतान किया। लेकिन धरातल पर किसानों को राहत नहीं मिली। रमन सरकार के विकास यात्रा में लाईट है, साउण्ड है, पण्डाल है, कुर्सी है लेकिन पण्डाल में लगे कुर्सी में बैठने वाला किसान एवं किसान का परिवार मौजूद नहीं है। किसान रमन सरकार के कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार से हताश है, परेशान है। फसल खराब हुई, फसल के स्थल मूल्यांकन में भी गफलतबाजी कर बीमा कंपनी को फायदा पहुंचाया गया। सरकार ने फसल नुकसान का गलत आंकड़े देकर बीमा कंपनी को लाभ पहुंचाने का काम किया। मोदी-रमन किसानों की आय दोगुना करने की दंभ भरते है लेकिन वर्तमान हालात से किसानों को निकालने कोई सहयोग नहीं दिया जा रहा है। विकास यात्रा में विकास का ढोल पीटने वाले रमन सिंह का पोल खुल गया। रमन सरकार किसान विरोधी है उद्योगपतियों की समर्थक है। जिसका खामियाजा किसानों को फसल की क्षतिपूर्ति राशि मिलने के वक्त भुगतना पड़ रहा है। रमन-मोदी किसान, मजदूर, गरीब विरोधी है। 2018 में सभी वर्ग मिलकर छत्तीसगढ़ को कुशासन मुक्त करायेंगे।