पूजा कमरे में रोजा खोलना मेरे जीवन का सबसे अनोखा अनुभव रहा, ये सिर्फ चरामेति की निःस्वार्थ सेवा से ही संभव हुआ : फरजाना खातून

रायपुर| चरामेति फाउंडेशन की  महिला विंग की सदस्य प्रतिदिन  रोटी बनाकर चरामेति तृप्तांजली भोजन सेवा में देती है जो रायपुर के तीनों बड़े सरकारी अस्पतालों भीमराव अम्बेडकर स्मृति अस्पताल, दाउ कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल एवं  एम्स  तथा झुग्गी बस्तियों, वितरित की जाती है|

चरामेति की फरजाना खातून ने बताया कि उनकी सहेली सुधा पांडेय का जन्मदिन था तो हमने सोचा आज रोटी साथ बनाएंगे तो सुधा के घर ही  हमने रोटीयां  बनाई। रोटी बनाते रोजा का वक़्त हो चुका था, सुधा ने कहा बहन अभी कहाँ घर जाओगी रुको मैं यही व्यवस्था करती हूं और सुधा ने पूजा कमरे में मेरे लिए रोजा खोलने की तैयारी की, फल, शर्बत से सजी थाली खाने के लिए लायी। पूजा कमरे में पहली बार बैठकर रोजा खोलना, इफ्तार करना मेरे लिए अद्भुत अनुभव था और यह सिर्फ चरामेति की सेवा की वजह से संभव हुआ, मैं इस पल को जीवनभर याद रखूंगी, धन्यवाद सुधा, धन्यवाद चरामेति………………आओ चले एक कदम निःस्वार्थ सेवा की ओर..

 

 

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