बड़े भाई ने सुपारी देकर कराई छोटे भाई की हत्या, नाटकीय ढंग से हुआ हत्या का पर्दाफाश

०० पैतृक संपत्ति के विवाद में बड़े भाई ने सुपारी देकर करायी चोटे भाई कि हत्या

०० गांव के ही युवक और भाई के मित्र ने 81 हजार रुपये में दी थी हत्या की सुपारी   

रायपुर/महासमुंद। सरायपाली थाना क्षेत्र के ग्राम आंवलाचक्का में एक बड़े भाई ने पैतृक संपत्ति के विवाद के चलते अपने छोटे भाई की सुपारी दे डाली। गांव के ही युवक और भाई के मित्र बंसत चौहान 34 वर्ष पिता साधुराम को 81 हजार रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। गांव में फिल्मी अंदाज में हुए हत्या का महासमुंद एसपी जितेंद्र शुक्ला ने खुलासा करते हुए सिलसिलेवार जानकारी दी। शुक्ला ने बताया कि हत्या की वारदात को अंजाम देेने के बाद आरोपितों ने पुलिस और मृतक के परिजनों को चकमा देने का प्रयास किया। घर के बाहर पत्र छोड़कर पुलिस को भ्रमित करते रहे। आरोपी द्वारा छोड़े गए पत्र के आधार पर ही पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

गत सोमवार 6 जनवरी को मृतक ठंडाराम यादव पिता भगत राम यादव की पत्नी शोभा यादव ने थाना में पति के चार जनवरी से गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ठंडाराम की बाइक सीजी 06 जीडी 7617 जली हुई अवस्था में जमदरहा के जंगल में मिली थी। इससे हत्या की आशंका जताई थी। इस पर पुलिस ने जांच प्रारंभ किया। इसी बीच 7 जनवरी को ठंडाराम यादव के घर के बाहर एक धमकी भरा पत्र मिला, जिसमें सात लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई थी। पत्र में संपर्क मोबाइल नंबर नौ अंकों का लिखा गया था। इससे पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी। इसी बीच 10 जनवरी को दूसरा पत्र मिला, जिसमें ठंडाराम की ओर से अपने परिजनों और गांव वालों को यह जानकारी दी गई थी कि एक लड़की से उसे प्रेम हो गया है, वह गर्भवती है। पैसे की जरूरत है। गाड़ी बेचना चाहता है, कागजात में गलती है, जिसके कारण उसे जला रहा है। वह बहुत दूर जा रहा है, उसे कोई न खोजे और न ही पुलिस के पास जाएं, ऐसा पत्र में लिखा गया था। इस पत्र के मिलने से घटनाक्रम की दिशा बदल जाती है। जिस ठंडाराम को पुलिस ढूंढ रही थी वह अपने जीवित होने का प्रमाण दे रहा था। इस पत्र पर गौर करते हुए पुलिस ने तय किया कि घर के बाहर पत्र मिल रहा है। इसका आशय है कि गांव का कोई व्यक्ति ठंडाराम के इस कथित पत्र को घर के बाहर तक पहुंचाने में मदद कर रहा है। पुलिस ने मृतक के पड़ोसी और उसके साथी बसंत चौहान से जब जानकारी ली तो उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगी। इस पर पुलिस आरोपी बसंत चौहान के घर कुछ कोरे पन्ने मांगने गई कि कुछ लिखना है। इस पर पुलिस के हाथ वह कापी हाथ लग गई, जिससे पन्ना निकालकर पत्र लिखा जा रहा था। इस अहम सुराग से पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाई। संदेह के आधार पर बसंत से जब पूछताछ की गई तो वह टूट गया और ठंडाराम यादव के भाई 40 वर्षीय बाबूलाल यादव पिता भगतराम यादव द्वारा सुपारी देकर हत्या कराने की बात कबूल किया। पुलिस को दिए बयान में आरोपी बसंत ने बताया कि इस हत्याकांड में उसका साला भंवरपुर निवासी शीतल चौहान 22 वर्ष पिता रायधर चौहान भी शामिल है। घटना के दिन चार जनवरी को फोन से ठंडाराम को मोटर पंप ले जाने की बात कहकर भंवरपुर के पास छालबंद नाला के पास बुलाया। ठंडाराम के पहुंचने पर बसंत चौहान और शीतल चौहान बहला-फुसलाकर मोहन चौहान के खेत के पास ले गए और मृतक को जमीन पर गिराकर पास रखे कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या में प्रयुक्त हथियार को बरामद कर लिया गया है। चारों आरोपी बाबूलाल यादव पिता भगतराम यादव, विजय यादव पिता बाबूलाल यादव, बसंत चौहान पिता साधु राम, शीतल चौहान पिता रायधर चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया है।

 

error: Content is protected !!