आश्रम – छात्रावास के बच्चों का 16 से 30 जून के बीच होगा स्वास्थ्य परीक्षण

ओजस्व अग्रवाल

बलौदाबाजार। नए शिक्षा सत्र की शुरूआत में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित आश्रमों एवं छात्रावास में प्रवेश लेने वाले सभी बच्चों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा स्वास्थ्य विभाग द्वारा 16 जून से 30 जून के बीच यह परीक्षण किया जाएगा कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने आज यहां सभाकक्षम अधिकारियों की बैठक में स्वास्थ्य विभाग को इसकी कार्य-योजना बनाने को कहा है विदित हो कि जिले में 107 आश्रम एवं छात्रावास संचालित हैं उन्होंने कहा कि बाकायदा इन सभी बच्चों का स्वास्थ्य कार्ड भी बनाकर दिया जाएगा चिरायु टीम के नियमित परीक्षण से यह अतिरिक्त होगा बैठक में जिला पंचायत के सीईओ एस.जयवर्धन एवं अपर कलेक्टर जोगेन्द्र नायक सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे कलेक्टर श्री गोयल ने आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की कम उपस्थिति पर गहरी नाराजगी जाहिर की उन्होंने डीपीओ को जिले का अधिकाधिक दौरा कर इन केन्द्रों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग की चिरायु टीम अभी आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों की जांच के लिए दौरा कर रही है जिसमें बच्चों की पूरी उपस्थिति सामने नहीं आ रही है उन्होंने कहा कि चिरायु टीम के आने की सूचना एक-दो दिन पहले बच्चों के पालकों को अनिवार्य रूप से दी जाए ताकि वे अन्य कार्यक्रम स्थगित करके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए मौजूद रहें कलेक्टर ने बैठक में महत्वपूर्ण विषयों के पत्रों के ताजा निराकरण की प्रगति की समीक्षा की उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन से मुरूम खनन एवं परिवहन की अनुमति नहीं दी जाएगी मुरूम लेने के प्राथमिक उद्देश्य के नाम पर तालाब गहरीकरण का कार्य भी मंजूर नहीं होगा यदि किसी को जरूरत है तो वह निजी लोगों से अनापति पत्र लेकर उनकी जमीन का उपयोग मुरूम के लिए कर सकता है खनन विभाग को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है कलेक्टर ने इंसपायर्ड अवार्ड के अंतर्गत ज्यादा से ज्यादा स्कूलों को आवेदन भराने के निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग को दिए इसके लिए आॅनलाईन आवेदन की अंतिम तारीख 20 जुलाई निर्धारित है बाकायदा इसके लिए विकासखण्ड स्तर पर नोडल अफसर नियुक्त किये गए हैं कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि डीएमएफ योजना के अंतर्गत नियमित रूप से बजट में मिलने वाले कामों को नहीं लिये जायेंगे योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली गैप को दूर करने में इसका इस्तेमाल किए जाने के नियम हैं साथ ही उन्होंने लोकसेवा गारण्टी अधिनियम के तहत मिलने वाले आवेदनों की भी समीक्षा की और समय से पूर्व इनका निराकरण करने के निर्देश दिए।